बंगाल CM के PA हत्याकांड में वाराणसी कनेक्शन! CBI के हत्थे चढ़ा हिस्ट्रीशीटर ‘पमपम’

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Shubhendu Adhikari PA Murder Case

Shubhendu Adhikari PA Murder Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक और बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को एजेंसी ने वाराणसी से विनय राय उर्फ पमपम को गिरफ्तार किया, जिसे इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में अहम संदिग्ध माना जा रहा है।

गाजीपुर के देवरिया गांव निवासी 40 वर्षीय विनय राय को वाराणसी से पकड़ने के बाद CBI ने उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेश किया, जहां से एजेंसी को दो दिन की रिमांड मिली। इसके बाद जांच टीम आरोपी को लेकर पश्चिम बंगाल रवाना हो गई।

यूपी से अब तक तीन गिरफ्तारियां

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में यूपी कनेक्शन लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। विनय राय की गिरफ्तारी के साथ ही उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार आरोपियों की संख्या तीन हो गई है।

इससे पहले 18 मई को CBI ने मुजफ्फरनगर से राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया था, जबकि 10 मई को अयोध्या से बलिया निवासी राज सिंह को पकड़ा गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की पूरी साजिश का एक बड़ा हिस्सा यूपी से संचालित हुआ हो सकता है।

चुनाव नतीजों के दो दिन बाद हुई थी हत्या

चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम आने के महज दो दिन बाद हुई थी। 42 वर्षीय रथ पर उस समय हमला हुआ जब उनकी कार को रोककर हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी।

हमले में उनके सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हत्या बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई और इसमें पेशेवर शूटरों की भूमिका हो सकती है।

विनय राय पर पहले से दर्ज हैं गंभीर केस

गिरफ्तार आरोपी विनय राय उर्फ पमपम का आपराधिक इतिहास लंबा बताया जा रहा है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और हथियार तस्करी जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।

वह पहले हथियार तस्करी मामले में तिहाड़ जेल भी जा चुका है। CBI के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ में हत्याकांड से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

2017 के चर्चित हत्याकांड में भी आया था नाम

विनय राय का नाम वर्ष 2017 में हुए नन्हकू यादव हत्याकांड में भी सामने आया था। उस मामले में रौजा स्थित पंजाब नेशनल बैंक के पास गोलीबारी हुई थी, जिसमें नन्हकू यादव की हत्या और उनके भाई अरविंद यादव पर जानलेवा हमला हुआ था।

जांच के दौरान पुलिस ने संतोष उर्फ बबलू राय, विनय उर्फ पमपम, मकू उर्फ अनुज और अनुभव राय के खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में विनय ने अदालत में आत्मसमर्पण किया और जमानत पर बाहर आ गया।

दिल्ली से जुड़ा है आरोपी का परिवार

CBI जांच में सामने आया है कि विनय राय का परिवार दिल्ली से भी जुड़ा हुआ है। उसके पिता जय गोविंद राय किसान हैं, जबकि मां गृहिणी हैं।

छोटा भाई पंकज राय दिल्ली फायर ब्रिगेड में कार्यरत है और पत्नी भी दिल्ली में रहती है। आरोपी के एक बेटा और एक बेटी हैं, जबकि गांव में उसके चाचा परिवार के साथ रहते हैं।

गाजीपुर में हुई थी छापेमारी

हत्याकांड में संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद बंगाल पुलिस और यूपी पुलिस ने 17 मई की रात गाजीपुर के देवरिया और मतसा गांव में संयुक्त छापेमारी की थी।

पांच गाड़ियों में पहुंची पुलिस टीम ने कई घरों की घेराबंदी कर तलाशी ली थी। कुछ जगहों पर दरवाजे न खुलने पर पुलिस दीवार फांदकर भी अंदर पहुंची, लेकिन उस समय विनय और दूसरा संदिग्ध संजय राय हाथ नहीं आए थे।

राजकुमार और राज सिंह की गिरफ्तारी से खुली कड़ी

मुजफ्फरनगर से पकड़े गए राजकुमार सिंह और अयोध्या से गिरफ्तार राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को हत्या के नेटवर्क की कड़ियां मिलने लगीं।

राजकुमार हाल में विदेश जाने की तैयारी कर रहा था, जबकि राज सिंह खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताता था और राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखता था।

UPI ट्रांजैक्शन से मिला बड़ा सुराग

जांच एजेंसियों के मुताबिक, हत्या में कम से कम आठ लोगों की भूमिका सामने आ रही है। हमलावरों ने घटना से पहले कई दिनों तक रेकी की थी।

हत्या से पहले संदिग्ध कार बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी, जहां टोल का भुगतान UPI के जरिए किया गया। इसी डिजिटल भुगतान से जुड़े मोबाइल नंबर ने जांच को नई दिशा दी और आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता खोला।

फर्जी नंबर प्लेट और सुपारी किलर एंगल

बंगाल पुलिस की शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई थी कि हत्या सुपारी किलर्स के जरिए कराई गई। घटनास्थल से बरामद कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली और इंजन-चेसिस नंबर मिटाए गए थे।

हमले में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिलों में से एक घटनास्थल से कुछ किलोमीटर दूर बरामद हुई, जिस पर भी फर्जी रजिस्ट्रेशन पाया गया। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और साजिश की तह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं।


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