
Chandauli News: चंदौली पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सदर कोतवाली में तैनात उप-निरीक्षक संजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दरोगा पर आरोप है कि उन्होंने मोबाइल छिनैती के मामले में पीड़ित की शिकायत को दबाने की कोशिश की और नियमानुसार एफआईआर दर्ज करने के बजाय उसे गुमशुदगी में बदलने का दबाव बनाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
पीड़ित की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला 20 मई का है। एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। आरोप है कि मामले की जांच कर रहे उप-निरीक्षक संजय कुमार ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया।

बताया गया कि दरोगा ने न तो उच्चाधिकारियों को समय पर जानकारी दी और न ही छिनैती से संबंधित एफआईआर दर्ज की। इसके बजाय पीड़ित पर दबाव बनाया गया कि वह चोरी या छिनैती की बात हटाकर केवल मोबाइल गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराए।
कर्तव्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता का आरोप
एसपी आकाश पटेल ने प्राथमिक जांच के बाद उप-निरीक्षक संजय कुमार पर कर्तव्यों के प्रति स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी के आरोप पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों पर तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी अधिकारी द्वारा शिकायत को दबाने या पीड़ित को गुमराह करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभागीय जांच के आदेश
निलंबन के साथ ही उप-निरीक्षक संजय कुमार के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने तक उन्हें पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है।
पुलिस विभाग अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगा कि शिकायत दर्ज करने में किस स्तर पर लापरवाही हुई और क्या जानबूझकर केस को कमजोर करने की कोशिश की गई थी।
“पुलिस की छवि खराब करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई”
एसपी आकाश पटेल ने कहा कि पुलिस की साख और जनता का भरोसा बनाए रखना विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने दो टूक कहा कि पुलिस की छवि धूमिल करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।