ऑटो में बैठकर पुलिस को चकमा, फिर BHU पहुंचीं पल्लवी पटेल, PMO कार्यालय तक मार्च से पहले हुईं गिरफ्तार

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Varanasi News

Varanasi News: NEET पेपर लीक, लेखपाल भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर वाराणसी पहुंचीं अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल को सोमवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। BHU सिंहद्वार से प्रधानमंत्री के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय तक प्रस्तावित मार्च शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें और उनके समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया।

प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। कमिश्नरेट पुलिस के साथ-साथ वाराणसी जोन की अतिरिक्त फोर्स भी तैनात की गई थी। लंका, BHU गेट और प्रस्तावित मार्च मार्ग पर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

जौनपुर में रोकी गई कार, खेतों के रास्ते पहुंचीं वाराणसी

रविवार रात लखनऊ से वाराणसी आ रही पल्लवी पटेल को जौनपुर के हौज टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोकने की कोशिश की। पुलिस घेराबंदी के बीच वह अपने दो कार्यकर्ताओं के साथ वाहन से उतरकर खेतों की ओर निकल गईं।

सूत्रों के अनुसार, करीब एक किलोमीटर तक पगडंडियों से पैदल चलने के बाद वह मुख्य सड़क तक पहुंचीं और फिर एक सवारी ऑटो में बैठकर देर रात वाराणसी के बाबतपुर पहुंच गईं। वहां एक पार्टी कार्यकर्ता के घर उन्होंने रात्रि विश्राम किया। इसके बाद सोमवार सुबह उन्होंने अपना लोकेशन पार्टी पदाधिकारियों को भेजा और प्रदर्शन की तैयारियों में जुट गईं।

BHU गेट से पीएम कार्यालय तक मार्च की थी तैयारी

अपना दल (कमेरावादी) ने NEET पेपर लीक समेत विभिन्न परीक्षा घोटालों के विरोध में BHU के लंका गेट से प्रधानमंत्री के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय तक मार्च निकालने का आह्वान किया था। प्रदर्शन में NSUI कार्यकर्ताओं के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही थी।

हालांकि प्रशासन ने बिना अनुमति प्रदर्शन का हवाला देते हुए कार्यक्रम को रोकने की तैयारी पहले से कर रखी थी। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को पहले ही नजरबंद कर दिया था और समूह में एकत्र होने से भी रोका जा रहा था।

पुलिस और पल्लवी पटेल के बीच हुई नोकझोंक

प्रदर्शन स्थल पर पुलिस अधिकारियों ने डॉ. पल्लवी पटेल को अनुमति न होने की जानकारी देते हुए मार्च रोकने का अनुरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

पल्लवी पटेल ने कहा कि वह छात्रों और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही हैं और इसके लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।

गिरफ्तारी के दौरान उठाईं कई बड़ी मांगें

पुलिस वैन में बैठाए जाने के दौरान पल्लवी पटेल ने NEET पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई। इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा को दोबारा कराने, यूपीएसआई भर्ती परीक्षा का स्कोरकार्ड सार्वजनिक करने और पेपर लीक व परीक्षा धांधली में शामिल लोगों के नाम उजागर करने की मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने वाले दोषी NTA एवं अन्य परीक्षा नियंत्रक अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस कमिश्नर बोले- बिना अनुमति प्रदर्शन स्वीकार नहीं

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार के जुलूस या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती।

प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इसी कारण मार्च शुरू होने से पहले ही प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

BHU गेट पर भारी पुलिस बल, क्षेत्र रहा छावनी में तब्दील

प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए BHU के सिंहद्वार, लंका चौराहा और प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बैरिकेडिंग लगाकर सुरक्षा घेरा बनाया गया और मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।

पुलिस ने पल्लवी पटेल समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। इसके बाद भी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन लगातार नजर बनाए रहा।


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