
Chandauli News: गंगा नदी के किनारे हो रहे कटान को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। सोमवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने गुरैनी पंप कैनाल क्षेत्र का दौरा कर गंगा तट पर चल रहे कटान-रोधी कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिया कि कटान रोकने से जुड़े सभी कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर समय से पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गंगा नदी से प्रभावित तटीय क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अभियंताओं से वर्तमान हालात, कटान की तीव्रता और बचाव कार्यों की तकनीकी जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंगा कटान से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए ताकि किसानों की कृषि भूमि और ग्रामीण आबादी को नुकसान से बचाया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और उनकी आजीविका को सुरक्षित रखना है।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने गंगा तट के स्थायी संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने बंधी प्रखंड के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि कटान की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जल्द तैयार कर शासन को भेजी जाए, ताकि भविष्य में इस क्षेत्र को कटान के खतरे से राहत मिल सके।
मौके पर मौजूद किसानों ने भी अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं। किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने स्थानीय किसानों की ओर से गंगा कटान से हो रहे नुकसान और संभावित खतरे की जानकारी दी। इस पर जिलाधिकारी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी फसलों और भूमि की सुरक्षा के लिए पूरी तरह गंभीर है और सभी जरूरी इंतजाम समय रहते किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान बंधी प्रखंड, लघु सिंचाई विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। जिला प्रशासन का कहना है कि मानसून को देखते हुए कटान प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे।