
Chandauli News: पुलिस कार्यप्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बड़ा कदम उठाया है। गौ तस्करी से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई न करने, विवेचनाओं में लापरवाही बरतने और कर्तव्यों के निर्वहन में शिथिलता पाए जाने पर दो थाना प्रभारियों, तीन विवेचकों और एक हेड मुहर्रिर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
एसपी आकाश पटेल ने कुल छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौ तस्करी के मामलों में कार्रवाई न करने पर जांच
पुलिस अधीक्षक के अनुसार कंदवा थाना क्षेत्र में गो-वध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में दर्ज मामलों के अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
इस मामले में कंदवा थाना प्रभारी राजीव मल्ल और हेड मुहर्रिर मनोज सागर के खिलाफ प्रारंभिक विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
चोरी की बाइक की जांच में लापरवाही
सदर कोतवाली में तैनात निरीक्षक रामजीत यादव पर आर्म्स एक्ट के एक आरोपी के कब्जे से बरामद चोरी की मोटरसाइकिल के इंजन और चेसिस नंबर का सत्यापन न कराने का आरोप है।
एसपी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उनके खिलाफ भी विभागीय जांच शुरू कर दी है।
नाबालिग किशोरी के मामले में दो महीने तक लंबित रही विवेचना
शहाबगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक प्रेमचंद्र सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उन पर नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने से जुड़े मामले की विवेचना दो माह से अधिक समय तक लंबित रखने का आरोप है।
एसपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
अलीनगर थाना भी कार्रवाई की जद में
अलीनगर थाने में तैनात निरीक्षक दयाराम गौतम पर एक मुकदमे की विवेचना में लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई की गई है।
वहीं अलीनगर थाना प्रभारी घनश्याम शुक्ला को गोवंश तस्करी रोकने में शिथिलता, निष्क्रियता और दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के आरोप में विभागीय जांच का सामना करना पड़ेगा।
सभी क्षेत्राधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
एसपी आकाश पटेल ने सभी क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने सर्किल के थानों में लंबित विवेचनाओं, निरोधात्मक कार्यवाहियों और न्यायालय से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा करें।
उन्होंने कहा कि सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि पुलिस व्यवस्था अधिक प्रभावी और जवाबदेह बन सके।