अब इलाज की चिंता खत्म! चंदौली में शिक्षकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों को मिलेगा कैशलेस हेल्थ कार्ड

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Chandauli News

Chandauli News: चंदौली के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। 8 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित विशेष कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ के तहत हेल्थ कार्ड वितरित करेंगे। इस दौरान योजना की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।

₹5 लाख तक मिलेगा कैशलेस इलाज

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत देना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों और उनके आश्रितों को हर वर्ष प्रति परिवार ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।

यह सुविधा सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध रहेगी।

इन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ

योजना के दायरे में शामिल लाभार्थियों में-

  • बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक
  • सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक
  • शिक्षामित्र
  • अनुदेशक
  • कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षक एवं वार्डन
  • प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) के तहत कार्यरत रसोइया

को योजना का लाभ मिलेगा।

देशभर के पैनल अस्पतालों में होगा इलाज

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को आवेदन के बाद आधार आधारित e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद वे मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना पोर्टल से अपना डिजिटल हेल्थ कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

इस हेल्थ कार्ड के जरिए लाभार्थी देशभर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेगी पूरी व्यवस्था

योजना का संचालन SACHIS (साचीज) पोर्टल और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जा रहा है। इससे इलाज की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान होगी तथा लाभार्थियों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

सरकार का उद्देश्य है कि स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें बिना किसी बाधा के बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।


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