आज शेयर बाजार क्यों टूटा? सेंसेक्स 1,600 अंक गिरा, इन 3 वजहों ने बिगाड़ा पूरा खेल

Spread the love & Share it

Stock Market Crash

Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक शेयर बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसका असर यह रहा कि बीएसई सेंसेक्स 1,100 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,100 के स्तर से नीचे फिसल गया।

दोपहर करीब 2 बजे तक सेंसेक्स 1,122.46 अंक यानी 1.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,058.26 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 342.60 अंक यानी 1.40 प्रतिशत टूटकर 24,056.10 पर पहुंच गया। बाजार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

अमेरिका-ईरान तनाव बना सबसे बड़ी वजह

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बढ़ा सैन्य तनाव रहा। ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत दो प्रतिशत से अधिक बढ़कर करीब 76 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमत बढ़ने से आयात बिल, चालू खाते का घाटा और महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इससे कंपनियों की लागत भी बढ़ती है, जिसका सीधा असर उनके मुनाफे और शेयर बाजार पर पड़ता है।

ग्लोबल टेक शेयरों में बिकवाली का असर

भारतीय बाजार पर अमेरिकी शेयर बाजार की कमजोरी का भी असर पड़ा। मंगलवार को वॉल स्ट्रीट के तीनों प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा दबाव टेक्नोलॉजी शेयरों पर रहा।

नैस्डैक 1.16 प्रतिशत टूटा, जबकि एसएंडपी 500 और डॉव जोंस भी लाल निशान में बंद हुए। सेमीकंडक्टर कंपनियों में बिकवाली के बाद निवेशकों को यह चिंता सताने लगी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तेज ग्रोथ भविष्य में इसी रफ्तार से जारी रह पाएगी या नहीं।

सैमसंग के शानदार नतीजे भी नहीं बचा सके बाजार

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अप्रैल-जून तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफे का अनुमान जारी किया। कंपनी का परिचालन लाभ पिछले साल की तुलना में करीब 19 गुना बढ़ने का अनुमान है।

इसके बावजूद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसे बड़े टेक शेयरों में गिरावट देखने को मिली। बाजार को आशंका है कि AI सेक्टर में तेजी अब धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।

DeepSeek की नई AI चिप से बढ़ी चिंता

बाजार की चिंता उस समय और बढ़ गई जब खबर सामने आई कि चीन का AI स्टार्टअप DeepSeek अपनी खुद की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप विकसित कर रहा है।

यदि कंपनी इसमें सफल होती है तो वह बड़े वैश्विक चिप निर्माताओं पर अपनी निर्भरता कम कर सकती है। इससे AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों के भविष्य के मूल्यांकन को लेकर निवेशकों में नई चिंता पैदा हो गई।

विदेशी निवेशकों से अभी भी मिल रहा सहारा

हालांकि बाजार में भारी गिरावट के बावजूद एक सकारात्मक संकेत विदेशी निवेशकों (FII) की खरीदारी रही।

मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 393.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में एफआईआई लगभग 1,991 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों की तुलना में भारत फिलहाल विदेशी निवेशकों के लिए अधिक स्थिर विकल्प बनकर उभर रहा है।

अब किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?

विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तीन बड़े कारकों पर निर्भर करेगी—

  • अमेरिका और ईरान के बीच तनाव आगे कितना बढ़ता है।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें किस दिशा में जाती हैं।
  • जून तिमाही के कॉरपोरेट नतीजे बाजार की उम्मीदों पर कितने खरे उतरते हैं।

यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी रहती है तो भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव कुछ समय तक जारी रह सकता है।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


Spread the love & Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *