
Who is Sabrina Gonzalez Pasterski: दुनिया में कुछ लोग अपनी प्रतिभा से इतनी कम उम्र में पहचान बना लेते हैं कि उनकी उपलब्धियां किसी कहानी जैसी लगती हैं। ऐसी ही एक वैज्ञानिक हैं सबरीना गोंजालेज पास्टर्स्की (Sabrina Gonzalez Pasterski), जिन्हें कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान ‘नेक्स्ट अल्बर्ट आइंस्टीन’ कहकर संबोधित करते हैं। उनकी रिसर्च का हवाला महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग भी दे चुके हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि NASA, Jeff Bezos की स्पेस कंपनी Blue Origin और करोड़ों रुपये के शैक्षणिक ऑफर मिलने के बावजूद उन्होंने सभी प्रस्ताव ठुकराकर सिर्फ वैज्ञानिक अनुसंधान का रास्ता चुना।
12 साल की उम्र में बना डाला अपना विमान
सबरीना की असाधारण प्रतिभा बचपन से ही दिखने लगी थी। महज 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने एक सिंगल-इंजन एयरक्राफ्ट बनाना शुरू किया और कुछ वर्षों बाद स्वयं उसका परीक्षण उड़ान भी पूरी की। यही उपलब्धि उनके लिए प्रतिष्ठित संस्थानों के दरवाजे खोलने का कारण बनी।
MIT और हार्वर्ड में बनाया रिकॉर्ड
सबरीना ने MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) से फिजिक्स में परफेक्ट 5.0 GPA के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी की और सैद्धांतिक भौतिकी (Theoretical Physics) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध किए।
जब स्टीफन हॉकिंग ने किया उनकी रिसर्च का जिक्र
सबरीना का शोध ‘स्पिन मेमोरी इफेक्ट’ और गुरुत्वाकर्षण तरंगों (Gravitational Waves) से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा। उनके इस शोध का उल्लेख विश्वविख्यात वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने भी अपने वैज्ञानिक कार्यों में किया, जिसके बाद वैज्ञानिक समुदाय में उनकी पहचान और मजबूत हुई।
NASA, Jeff Bezos और करोड़ों का ऑफर… फिर भी कहा ‘नहीं’
उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर NASA ने नौकरी का प्रस्ताव दिया। इसके अलावा Jeff Bezos की स्पेस कंपनी Blue Origin भी उन्हें अपने साथ जोड़ना चाहती थी। इतना ही नहीं, Brown University ने करीब 11 लाख डॉलर (लगभग 9 करोड़ रुपये से अधिक) के पैकेज पर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का प्रस्ताव भी दिया। लेकिन सबरीना ने इन सभी आकर्षक ऑफर्स को ठुकरा दिया। उनका मानना था कि वे वेतन या प्रतिष्ठा से अधिक ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्यों को समझने के लिए शोध करना चाहती हैं।
अब किस पर कर रही हैं रिसर्च?
साल 2021 में सबरीना कनाडा के प्रतिष्ठित Perimeter Institute for Theoretical Physics से जुड़ गईं। यहां उन्होंने Celestial Holography Initiative नामक शोध कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य क्वांटम ग्रैविटी और स्पेस-टाइम के सबसे जटिल सवालों के जवाब तलाशना है। इस परियोजना को 2023 में 8 मिलियन डॉलर की फंडिंग भी मिली।
क्यों कहा जाता है ‘नेक्स्ट आइंस्टीन’?
सबरीना की असाधारण वैज्ञानिक सोच, कम उम्र में बड़ी उपलब्धियां, स्वतंत्र अनुसंधान के प्रति समर्पण और आधुनिक भौतिकी में उनके योगदान को देखते हुए दुनिया भर के कई मीडिया संस्थानों ने उन्हें ‘नेक्स्ट अल्बर्ट आइंस्टीन’ की उपाधि दी है। हालांकि, स्वयं सबरीना हमेशा व्यक्तिगत प्रसिद्धि से ज्यादा विज्ञान और शोध को प्राथमिकता देने की बात करती हैं।
विज्ञान के लिए चुना अलग रास्ता
आज जब अधिकांश युवा बेहतर वेतन और बड़ी कंपनियों को प्राथमिकता देते हैं, वहीं सबरीना गोंजालेज पास्टर्स्की ने यह साबित किया है कि यदि लक्ष्य ज्ञान की खोज हो, तो दुनिया के सबसे बड़े ऑफर भी छोटे पड़ सकते हैं। उनकी कहानी विज्ञान, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है।