
Chandauli News: चंदौली के मुगलसराय में शुक्रवार देर रात जीटी रोड चौड़ीकरण परियोजना के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। सड़क विस्तार के लिए हटाए जा रहे एक प्राचीन काली मंदिर का विशाल गुंबद अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि एक स्थानीय व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ध्वस्तीकरण का कार्य तत्काल रोक दिया गया।
बुलडोजर से मंदिर हटाने के दौरान हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जीटी रोड चौड़ीकरण योजना के तहत प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की निगरानी में बुलडोजर से मंदिर के पुराने ढांचे को हटाया जा रहा था। इसी दौरान मंदिर का ऊपरी गुंबद अचानक टूटकर नीचे गिरने लगा। गिरते समय गुंबद पहले बुलडोजर के बकेट से टकराया, जिससे उसकी दिशा बदल गई और वह सीधे वहां काम कर रहे कर्मचारियों व मौजूद लोगों के ऊपर आ गिरा।
कुछ ही सेकंड में घटनास्थल चीख-पुकार से गूंज उठा। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।
अस्पताल में PWD कर्मचारी ने तोड़ा दम
हादसे में गंभीर रूप से घायल PWD कर्मचारी झुमरी उर्फ बलदेव यादव (58 वर्ष), निवासी डांडी, और एक स्थानीय नागरिक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान बलदेव यादव ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे घायल का इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रतिमा पहले ही नए मंदिर में कराई जा चुकी थी स्थापित
जानकारी के मुताबिक, मुगलसराय रेलवे स्टेशन के सामने स्थित यह काली मंदिर काफी पुराना था और जीटी रोड चौड़ीकरण की जद में आ रहा था। प्रशासन ने स्थानीय लोगों की सहमति से पहले सुभाष पार्क में नया मंदिर बनवाकर विधि-विधान के साथ मां काली की प्रतिमा वहां स्थापित कराई थी। प्रतिमा स्थानांतरित होने के बाद ही पुराने मंदिर के ढांचे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
हादसे के बाद रोका गया ध्वस्तीकरण कार्य
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर ध्वस्तीकरण का कार्य तत्काल रोक दिया गया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की।
सुरक्षा मानकों की होगी जांच
प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि मंदिर ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।