
Varanasi News: किसानों को समय पर डीएपी, यूरिया और पोटाश उपलब्ध न होने के विरोध में रविवार को समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सिगरा क्षेत्र में प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान सपा कार्यकर्ता हरीश मिश्रा अर्धनग्न अवस्था में सिगरा थाने पहुंचे और प्रशासन को संबोधित ज्ञापन सौंपकर खाद की कमी, कालाबाजारी और कथित तस्करी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
किसानों की समस्याओं को लेकर किया प्रदर्शन
दोपहर करीब एक बजे हुए प्रदर्शन में हरीश मिश्रा के साथ सपा कार्यकर्ता संदीप यादव और अनिल यादव भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि धान की बुवाई का समय चल रहा है, लेकिन किसानों को डीएपी, यूरिया और पोटाश जैसी जरूरी खाद समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है और किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
‘सहकारी समितियों पर ताले, किसान हो रहे परेशान’
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कई सहकारी समितियों पर ताले लटके हुए हैं, जिसके कारण किसानों को खाद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। उनका कहना था कि समय पर उर्वरक नहीं मिलने से धान की बुवाई प्रभावित हो रही है और इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ेगा।
खाद की कालाबाजारी और तस्करी पर उठाए सवाल
हरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि खाद की कथित कालाबाजारी और तस्करी के कारण किसानों तक उर्वरक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो खेती-किसानी पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उनके अनुसार पहले से आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे किसानों के लिए खाद की कमी नई परेशानी बन गई है।
15 दिन में खाद उपलब्ध कराने की मांग
समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि डीएपी, यूरिया और पोटाश की कालाबाजारी व तस्करी में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यदि किसी विभागीय अधिकारी या बाहरी बिचौलिए की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए।
साथ ही सभी सहकारी समितियों पर अगले 15 दिनों के भीतर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि किसानों को बुवाई के मौसम में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने सिगरा थाने के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा।