
Varanasi News: नए साल 2026 के स्वागत और पुराने वर्ष की विदाई की बेला पर काशी पूरी तरह आस्था के रंग में रंग गई है। शनिवार को बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ के दरबार से लेकर दशाश्वमेध घाट तक श्रद्धालुओं की ऐसी अभूतपूर्व भीड़ उमड़ी कि पुलिस और प्रशासन को व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े।
दोपहर तक ही श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दो लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर और आसपास व्यापक बैरिकेडिंग की गई है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से कतारबद्ध होकर झांकी दर्शन कर सकें।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विशिष्ट तीर्थ क्षेत्र के एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि नए साल से पहले काशी में देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी को देखते हुए महाकुंभ और सावन जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
प्रशासन के अनुसार, फिलहाल श्रद्धालुओं को केवल झांकी दर्शन की अनुमति दी जा रही है। प्रोटोकॉल से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग मार्ग की व्यवस्था है, लेकिन भीड़ के दबाव को देखते हुए विशेष सुविधाओं पर अस्थायी नियंत्रण रखा गया है। मंदिर प्रशासन लगातार अनाउंसमेंट के जरिए श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील कर रहा है।
इधर, गंगा स्नान और नौका विहार के लिए भी काशी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी जमावड़ा देखने को मिल रहा है। दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, नमो घाट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर सुबह से देर रात तक भक्तों की भीड़ बनी हुई है। ठंड और कोहरे के बावजूद गंगा में नौकाओं पर यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें पूरी तरह अलर्ट हैं।
इसके अलावा सारनाथ, संकटमोचन मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए कई क्षेत्रों में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। काशी की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक आधी रात तक श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है।
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