
ECINET Launch: भारत की चुनावी प्रक्रिया को अधिक आधुनिक, एकीकृत और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में चुनाव आयोग ऑफ इंडिया (ECI) ने एक अहम पहल की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने India International Conference on Democracy and Election Management (IICDEM) के दौरान ECINET नामक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म का औपचारिक शुभारंभ किया।
ECINET लगभग आठ वर्षों की तकनीकी तैयारी और योजना का परिणाम है, जिसके तहत चुनाव से जुड़े 40 से अधिक ऐप्स और पोर्टल्स को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया गया है। इसका उद्देश्य नागरिकों, उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों और चुनाव अधिकारियों को एक साझा मंच पर जोड़ना है।
क्या है ECINET और क्या सुविधाएं मिलेंगी
ECINET को एक वन-स्टॉप डिजिटल सॉल्यूशन के रूप में तैयार किया गया है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता पंजीकरण, वोटर लिस्ट खोज व डाउनलोड, आवेदन की स्थिति ट्रैक करना, उम्मीदवारों और नामांकन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना संभव होगा।
इसके अलावा उपयोगकर्ता चुनाव अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगे, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से कॉल बुक कर सकेंगे, e-EPIC डाउनलोड कर पाएंगे और मतदान से जुड़े लगभग रियल-टाइम ट्रेंड भी देख सकेंगे। शिकायत दर्ज करने और उसके निवारण की स्थिति ट्रैक करने की सुविधा भी इसमें उपलब्ध है।
यह प्लेटफॉर्म 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में उपलब्ध कराया गया है, जिससे देश के हर नागरिक तक चुनाव से जुड़ी सेवाएं सहज रूप से पहुंच सकें।
वैश्विक सहयोग का प्रस्ताव
लॉन्च के अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) को सहयोग का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि ECINET विकसित करने वाली टीम अन्य देशों के चुनाव आयोगों के साथ मिलकर उनके कानून और भाषाओं के अनुरूप ऐसे ही प्लेटफॉर्म तैयार करने में सहयोग कर सकती है।
उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों से इस प्लेटफॉर्म का अध्ययन करने का आग्रह करते हुए कहा कि भारत का चुनाव आयोग अपने अनुभव और तकनीक को वैश्विक स्तर पर साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
क्यों अहम है ECINET
अब तक चुनाव से जुड़ी सेवाएं कई अलग-अलग ऐप्स और पोर्टल्स पर बिखरी हुई थीं, जिससे नागरिकों को असुविधा होती थी। ECINET ने इन सभी सेवाओं को एक मंच पर लाकर न केवल उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाया है, बल्कि पारदर्शिता और पहुंच को भी बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ECINET डिजिटल इंडिया और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। आने वाले समय में इसमें मोबाइल ऐप आधारित सुविधाएं, लाइव वोटिंग अपडेट और AI आधारित शिकायत निवारण जैसी सेवाएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
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