
UP Budget Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में बेरोजगार युवाओं को किसी प्रकार का बेरोजगारी भत्ता देने की कोई योजना नहीं है। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने सदन में विपक्ष के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार युवाओं को आर्थिक सहायता देकर निर्भर बनाने के बजाय उन्हें रोजगार योग्य और आत्मनिर्भर बनाने पर ध्यान दे रही है।
सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की थी। इस पर जवाब देते हुए मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने भत्ते के नाम पर युवाओं को गुमराह किया, जबकि वर्तमान सरकार उन्हें कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बेरोजगारी दर में लगातार कमी आई है और सरकार रोजगार सृजन के लिए ठोस कदम उठा रही है।
मंत्री ने बताया कि सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से लाखों युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया है। साथ ही सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक करीब 1.5 लाख सरकारी पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पूरी करना है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के जरिए युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
हालांकि, सरकार के इस जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने नाराजगी जताई और भत्ता देने की मांग दोहराई। विपक्ष का कहना था कि जब तक युवाओं को स्थायी रोजगार नहीं मिलता, तब तक उन्हें आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। इसके बावजूद सरकार अपने रुख पर कायम रही और स्पष्ट किया कि बजट में कौशल प्रशिक्षण, उद्योग स्थापना और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे भविष्य में युवाओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।