
Avimukteshwaranand Case: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंनद पर लगाए गए आरोपों के बाद संत समाज में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी को लेकर कई संतों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इसी क्रम में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज ने तीखा बयान देते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की और 21 लाख रुपये के इनाम की घोषणा कर दी।
फलाहारी महाराज ने कहा कि शंकराचार्य 125 करोड़ हिंदुओं के लिए पूजनीय हैं और उन पर इस तरह के आरोप लगाकर सनातन समाज का अपमान किया गया है। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी को हिंदू मानने से इनकार करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि सरकार को आशुतोष पांडे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
सरकार से कार्रवाई की मांग
फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया कि आशुतोष पांडे पर गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर, गौ हत्या, ठगी और अन्य गंभीर धाराओं के मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि जब तक ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक संत समाज चुप नहीं बैठेगा।
हालांकि, उनके बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छिड़ गई है, क्योंकि इसमें हिंसक भाषा का प्रयोग किया गया है।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
दूसरी ओर, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण के आरोपों में कोर्ट के आदेश पर Prayagraj के झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और अन्य की ओर से बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत आवेदन दाखिल किया गया था।
याचिका में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं—69, 74, 75, 76, 79 और 109—के साथ पॉक्सो अधिनियम की धाराओं 3/5/9 और 17 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि न्यायपालिका ने बच्चों के साथ कथित अनुचित गतिविधि के मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
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