
RBI New Rules 2026: देश में बढ़ते ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई फ्रॉड को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) डिजिटल पेमेंट सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए 5 बड़े सुरक्षा नियम लागू करने की तैयारी में है। फिलहाल ये नियम प्रस्तावित हैं और इन पर 8 मई 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं।
2025 में लाखों डिजिटल फ्रॉड ने बढ़ाई चिंता
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में देशभर में 28 लाख डिजिटल फ्रॉड दर्ज किए गए। इन मामलों में लोगों के खातों से कुल 22,931 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। इनमें 98 प्रतिशत से अधिक मामलों में 10 हजार रुपये से ज्यादा की रकम शामिल थी।
RBI के प्रस्तावित 5 बड़े सुरक्षा नियम
- सिंगल क्लिक ‘Kill Switch’ सुविधा
यदि किसी ग्राहक को फ्रॉड का संदेह होता है, तो वह एक क्लिक में अपने सभी डिजिटल पेमेंट मोड—UPI, नेट बैंकिंग और कार्ड—तुरंत ब्लॉक कर सकेगा।
- ₹10,000 से ऊपर ट्रांजैक्शन पर 1 घंटे का वेटिंग पीरियड
10 हजार रुपये से अधिक के डिजिटल ट्रांजैक्शन पर बैंक राशि एक घंटे तक होल्ड कर सकता है। इस दौरान ग्राहक फ्रॉड या गलती की स्थिति में ट्रांजैक्शन रोक सकेगा।
- 70+ उम्र वालों के लिए Trusted Person Verification
वरिष्ठ नागरिकों के बड़े लेनदेन के लिए किसी भरोसेमंद व्यक्ति की अतिरिक्त पुष्टि अनिवार्य की जा सकती है।
- म्यूल अकाउंट्स पर सख्ती
फर्जी खातों में असामान्य रकम आने पर बैंक उसे “Shadow Credit” में रख सकता है। ग्राहक तब तक रकम नहीं निकाल पाएगा जब तक स्रोत स्पष्ट न हो।
- OTP से आगे Multi-Layer Authentication
हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन के लिए OTP के साथ बायोमेट्रिक, PIN, सिक्योरिटी टोकन और डिवाइस वेरिफिकेशन लागू किया जा सकता है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
इन नियमों से डिजिटल पेमेंट पहले की तुलना में थोड़ा धीमा हो सकता है, लेकिन फ्रॉड से सुरक्षा कई गुना मजबूत होगी। खासकर बड़े ट्रांजैक्शन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।
अभी लागू नहीं हुए हैं नियम
RBI ने स्पष्ट किया है कि ये फिलहाल प्रस्तावित सुरक्षा उपाय हैं। जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मिलने के बाद अंतिम गाइडलाइंस जारी की जाएंगी।
