
Chandauli News: चहनिया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में दवाएं बाहर रखे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई। मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रितेश कुमार ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए स्थिति स्पष्ट की है।
उन्होंने कहा कि दवाओं के रख-रखाव या भंडारण में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है और वायरल वीडियो को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
भंडारण कक्ष में सांप दिखने के बाद उठाया गया कदम
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के अनुसार एक दिन पहले औषधि भंडारण कक्ष में सांप दिखाई देने की सूचना मिली थी। कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए वहां रखी दवाओं को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थान पर रखा गया था।
उन्होंने बताया कि यह निर्णय पूरी तरह एहतियातन लिया गया था ताकि भंडारण कक्ष की जांच, साफ-सफाई और आवश्यक सुरक्षा उपाय बिना किसी जोखिम के किए जा सकें।
निरीक्षण और सफाई अभियान के बाद वापस रखी गईं दवाएं
डॉ. रितेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद संबंधित कक्ष का निरीक्षण कराया गया। इसके साथ ही कीट एवं सर्प नियंत्रण से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं और विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद दवाओं को दोबारा उनके निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित कर दिया गया है। वर्तमान में सभी औषधियां सुरक्षित हैं और उनका भंडारण शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।
“दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर कोई असर नहीं”
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि दवाओं के संरक्षण और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है। अस्पताल में उपलब्ध सभी औषधियां मरीजों के उपयोग के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं का रख-रखाव नियमित मानकों के अनुसार किया जाता है और इस मामले में भी सभी आवश्यक सावधानियां बरती गई थीं।
सोशल मीडिया पर भ्रामक निष्कर्ष निकालने से बचने की अपील
वायरल वीडियो को लेकर डॉ. रितेश कुमार ने कहा कि किसी भी घटना की वास्तविक स्थिति जाने बिना निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और सूचनाओं को तथ्यों के साथ समझने का प्रयास करें।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सभी दवाएं सुरक्षित हैं और स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सामान्य रूप से जारी है।