
Chandauli News: चंदौली के सदर विकास खंड अंतर्गत बरठा गांव में एक पुराने प्राकृतिक तालाब को नए रूप में विकसित कर ‘अमृत वन वाटिका’ के रूप में तैयार किया गया है। इस परियोजना का लोकार्पण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और विकास के समन्वय का उदाहरण बनकर सामने आई है।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ लोकार्पण
इस अवसर पर संजय कुमार गोंड और दर्शना सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने फीता काटकर परियोजना का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

जल संरक्षण और सौंदर्यीकरण का मिला संगम
मंत्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को एक सुंदर और शांत वातावरण उपलब्ध कराना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
तालाब के पुनरुद्धार के साथ इसे आकर्षक सरोवर और गार्डन के रूप में विकसित किया गया है, जिससे यह स्थान स्थानीय लोगों के लिए सैर और विश्राम का केंद्र बन सके।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘वन वाटिका’
नवनिर्मित सरोवर के चारों ओर वॉकिंग ट्रैक, बैठने की व्यवस्था, हरियाली, शौचालय और टिन शेड जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित होने के कारण यह स्थल अब बाहरी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है, जिससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
अमृत सरोवर’ मिशन के तहत हुई पहल
यह परियोजना ‘अमृत सरोवर’ मिशन के अंतर्गत विकसित की गई है, जिसका उद्देश्य भूजल स्तर को सुधारना और पर्यावरण को संतुलित बनाए रखना है। दर्शना सिंह ने इसे जल संरक्षण और हरित वातावरण की दिशा में सराहनीय कदम बताया।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश, पौधरोपण भी किया गया
कार्यक्रम के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह पहल न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाएगी, बल्कि वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देकर भविष्य में जल संकट से निपटने में भी सहायक होगी।
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