
Bihar News: बिहार में अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई और लगातार सामने आ रही एनकाउंटर की घटनाओं ने सियासी बहस को तेज कर दिया है। इसी मुद्दे पर अख्तरुल ईमान ने सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे न्यायिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया है।
क्या न्यायिक व्यवस्था खत्म हो गई है?’
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने कहा कि किसी भी हाल में कानून को हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश की न्यायिक व्यवस्था खत्म हो गई है, जो बिना अदालत के फैसले के एनकाउंटर किए जा रहे हैं।
उनका कहना था कि अपराधियों को सजा जरूर मिलनी चाहिए, लेकिन वह सजा न्यायालय के माध्यम से ही होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरत पड़े तो कठोर सजा दी जाए, लेकिन कानून के दायरे में रहकर।

सरकार पर अदालत की अनदेखी का आरोप
अख्तरुल ईमान ने राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब आम नागरिक अदालत के आदेशों का उल्लंघन करता है तो उसे अवमानना माना जाता है, लेकिन सरकारें खुद ही न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी कर रही हैं। उनके मुताबिक, इससे न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता कमजोर होती है।
डर नहीं, न्याय का माहौल चाहिए’
AIMIM नेता ने कहा कि अगर अदालतों के फैसलों को पूरी ईमानदारी से लागू किया जाए, तो अपराध अपने आप कम हो सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में भय का नहीं, बल्कि न्याय और कानून के प्रति विश्वास का माहौल होना चाहिए।
एनडीए बनाम विपक्ष—दो ध्रुवों में बंटी बहस
एनकाउंटर को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन इसे अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का हिस्सा बता रहा है, वहीं विपक्षी दल इसे न्यायिक प्रक्रिया से बाहर की कार्रवाई करार देकर विरोध जता रहे हैं।
आगे और बढ़ सकता है सियासी टकराव
अख्तरुल ईमान के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि सरकार और अन्य राजनीतिक दल इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं और आने वाले दिनों में यह बहस किस दिशा में जाती है।