
Amul Milk Price Hike: देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। देश की सबसे बड़ी डेयरी ब्रांड्स में शामिल अमूल (Amul) ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। नई कीमतें 14 मई 2026 से लागू कर दी गई हैं। कंपनी के इस फैसले का सीधा असर आम लोगों की रसोई और मासिक बजट पर पड़ने वाला है, क्योंकि दूध हर घर की रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल है।
अमूल की ओर से जारी नई दरों के मुताबिक अलग-अलग दूध पैकेटों की कीमतों में 1 रुपये से लेकर 3 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। कंपनी का कहना है कि डेयरी सेक्टर में बढ़ती लागत, पशु चारे के महंगे होने और ऑपरेशन खर्च बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है।

एक लीटर दूध पर बढ़े दाम, जानिए नए रेट
नई कीमतों के बाद अमूल के कई लोकप्रिय उत्पाद महंगे हो गए हैं। अमूल ताजा 500ML पैकेट अब 28 रुपये की जगह 29 रुपये में मिलेगा। वहीं 1 लीटर अमूल ताजा की कीमत 55 रुपये से बढ़ाकर 57 रुपये कर दी गई है।
इसके अलावा अमूल टी स्पेशल 1 लीटर दूध अब 63 रुपये की जगह 66 रुपये में मिलेगा। भैंस के दूध के 500ML पैकेट की कीमत 37 रुपये से बढ़कर 39 रुपये हो गई है। वहीं अमूल गोल्ड और अमूल शक्ति 500ML पैकेट अब 34 रुपये की जगह 35 रुपये में मिलेंगे।
क्यों बढ़ाए गए दूध के दाम?
अमूल मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में डेयरी इंडस्ट्री की लागत लगातार बढ़ी है। पशुओं के चारे, ट्रांसपोर्टेशन, बिजली और पैकेजिंग पर खर्च बढ़ने से कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। यही वजह है कि दूध की कीमतों में संशोधन करना पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि डेयरी सेक्टर में लगातार बढ़ रही लागत का असर अब सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगा है। आने वाले समय में दूसरी डेयरी कंपनियां भी इसी तरह के फैसले ले सकती हैं।
आम आदमी की रसोई पर बढ़ेगा दबाव
पहले से ही पेट्रोल-डीजल, घरेलू गैस और खाने-पीने की चीजों की महंगाई से परेशान लोगों के लिए दूध की कीमत बढ़ना बड़ी चिंता बन सकता है। खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों और बड़े परिवारों का मासिक बजट इससे ज्यादा प्रभावित होगा।
दूध का इस्तेमाल चाय, कॉफी, बच्चों के पोषण, मिठाइयों और रोजमर्रा के खानपान में होता है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने का असर सीधे घरेलू खर्च पर दिखाई देगा।
दूध की खपत पर नहीं पड़ेगा ज्यादा असर
हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि दूध ऐसी जरूरी खाद्य वस्तु है जिसकी खपत कम करना आसान नहीं होता। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों के लिए दूध जरूरी माना जाता है। यही वजह है कि कीमत बढ़ने के बावजूद इसकी मांग में बड़ी गिरावट की संभावना कम है।
डेयरी बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच अब उपभोक्ताओं को रोजमर्रा की जरूरतों पर पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।