चंदौली में बनेगा ‘धान बीज बैंक’? राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने कृषि मंत्री से की बड़ी मांग

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Chandauli News

Chandauli News: चंदौली में स्थानीय और पारंपरिक धान की किस्मों के संरक्षण तथा किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए ‘धान बीज बैंक’ की स्थापना की मांग उठी है। राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने इस संबंध में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपा और चंदौली में बीज बैंक स्थापित करने की मांग की।

सांसद ने कहा कि चंदौली कृषि प्रधान जिला है और बड़ी आबादी की आजीविका खेती पर निर्भर है। यहां किसान बड़े पैमाने पर धान की खेती करते हैं। ऐसे में स्थानीय व पारंपरिक धान की किस्मों को संरक्षित करने के साथ किसानों को बेहतर गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने के लिए संस्थागत व्यवस्था जरूरी है।

अदमचीनी और काला चावल का होगा संरक्षण

दर्शना सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंपे पत्र में चंदौली की विशिष्ट धान की किस्मों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जिले की पारंपरिक अदमचीनी चावल की किस्म को वर्ष 2023 में जीआई टैग मिल चुका है। वहीं, चंदौली का प्रसिद्ध काला चावल उत्तर प्रदेश की ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना में शामिल है।

सांसद के मुताबिक, इन दोनों धान की किस्मों की अपनी अलग पहचान है। इनके संरक्षण और संवर्धन से न केवल चंदौली की कृषि विरासत को सुरक्षित रखा जा सकेगा, बल्कि किसानों को इन विशिष्ट फसलों से आर्थिक लाभ लेने के बेहतर अवसर भी मिल सकते हैं।

किसानों को समय पर मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज

सांसद ने कहा कि प्रस्तावित धान बीज बैंक में स्थानीय और पारंपरिक किस्मों के बीजों का सुरक्षित संरक्षण किया जा सकेगा। जरूरत के अनुसार इन बीजों का उत्पादन बढ़ाकर किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जा सकेगा।

इससे किसानों को हर सीजन में बेहतर बीज के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही पारंपरिक धान की किस्मों को बड़े पैमाने पर खेती से जोड़ने का रास्ता भी खुल सकता है।

देश-विदेश में निर्यात की संभावनाओं पर जोर

दर्शना सिंह ने धान बीज बैंक को केवल बीज संरक्षण तक सीमित न रखते हुए इससे जुड़ी व्यावसायिक और निर्यात संभावनाओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि चंदौली की विशिष्ट धान की किस्मों और उनसे जुड़े उत्पादों को देश के दूसरे राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी पहुंचाने की संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।

इससे चंदौली की कृषि पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलने के साथ किसानों के लिए आय के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

कृषि मंत्री से स्वीकृति की मांग

राज्यसभा सांसद ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया कि चंदौली में ‘धान बीज बैंक’ स्थापित करने के प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए इसे स्वीकृति दिलाने की दिशा में पहल की जाए। उनका कहना है कि इससे जिले की पारंपरिक धान किस्मों के संरक्षण के साथ किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और बेहतर बाजार की संभावनाएं मिल सकेंगी।


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