
Chandauli News: चंदौली में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड स्तर पर मामलों का निस्तारण किया गया। जनपद न्यायालय, राजस्व विभाग और बैंकों ने मिलकर कुल 1,29,965 मामलों का समाधान किया। इस दौरान करोड़ों रुपये की समझौता राशि तय हुई और लाखों रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। कार्यक्रम का शुभारंभ इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया।
सदर तहसील सभागार में हुआ शुभारंभ
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सदर तहसील सभागार में किया गया। उद्घाटन समारोह में जनपद न्यायाधीश दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय किरन पाल सिंह, जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव निकिता गौड़ समेत कई न्यायिक अधिकारी, बैंक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके साथ ही नवनिर्मित एकीकृत न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया गया और वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित हुआ।

परिवार न्यायालय में 5 टूटते रिश्ते फिर जुड़े
परिवार न्यायालय में कुल 25 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें पांच ऐसे दंपतियों को दोबारा साथ भेजा गया, जिनके रिश्ते टूटने की कगार पर थे। इस पहल को लोक अदालत की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
मोटर दुर्घटना मामलों में मिला 1.66 करोड़ का प्रतिकर
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 49 मामलों का निस्तारण कर पीड़ितों को 1 करोड़ 66 लाख 58 हजार रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। वहीं स्थायी लोक अदालत में चार मामलों में 26 लाख रुपये की समझौता राशि तय कराई गई।
हजारों मुकदमों का हुआ समाधान
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में 5088 मामलों का निस्तारण हुआ और 7.36 लाख रुपये से ज्यादा जुर्माना वसूला गया। रेलवे कोर्ट में 1715 मामलों का निपटारा हुआ, जबकि चकिया और अन्य अदालतों में भी बड़ी संख्या में मामलों का समाधान किया गया। जनपद न्यायालयों में कुल 9413 मुकदमों का निस्तारण हुआ।
बैंकों ने निपटाए 958 ऋण खाते
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान बैंकों ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए 958 ऋण खातों का समझौते के जरिए निस्तारण किया। इसमें 11 करोड़ 8 लाख 66 हजार रुपये की समझौता राशि तय हुई, जबकि 2 करोड़ 19 लाख 35 हजार रुपये नकद वसूले गए।
राजस्व विभाग ने भी बनाया रिकॉर्ड
जनपद के सभी राजस्व न्यायालयों ने कुल 1,19,594 मामलों का निस्तारण किया। इससे बड़ी संख्या में लंबित मामलों का समाधान हुआ और लोगों को लंबे समय से चल रहे विवादों से राहत मिली।
करोड़ों रुपये की वसूली और समझौता
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान अदालतों द्वारा कुल 13 लाख 53 हजार 775 रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। वहीं 1 करोड़ 96 लाख 23 हजार रुपये की समझौता राशि तय हुई। इसके अलावा 10 लाख 82 हजार 172 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी जारी किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव निकिता गौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को आसान, सस्ता और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है, जिसमें चंदौली में बड़ी सफलता मिली है।