
Chandauli News: चंदौली में पिछले 24 घंटे के भीतर दो रेल यात्रियों और अस्पताल में भर्ती एक महिला की हत्या से फैली दहशत का अंत सोमवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में हुआ। तीनों वारदातों का आरोपी पूर्व सैनिक गुरप्रीत सिंह पुलिस और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में मारा गया। मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट कराने लेकर गई थी। इसी दौरान उसने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की।
क्राइम सीन रीक्रिएट के दौरान पुलिस पर की फायरिंग
पुलिस के मुताबिक आरोपी गुरप्रीत सिंह को ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में हुई हत्या के मामले में दरियापुर इलाके में घटनास्थल दिखाने ले जाया गया था। देर रात कुचमन स्टेशन के पास पुलिस टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, आरोपी ने अचानक एक दरोगा की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर गोली चला दी।

फायरिंग में जफरपुर चौकी इंचार्ज सतीश सिंह और जीआरपी के जवान मनोज यादव घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
24 घंटे में तीन हत्याओं से दहला था चंदौली
चंदौली में लगातार हुई तीन सनसनीखेज हत्याओं ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। रविवार को ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में एक यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अगले ही दिन जम्मूतवी-नई दिल्ली एक्सप्रेस में भी एक अन्य यात्री को गोली मार दी गई।
इसी बीच सोमवार सुबह अलीनगर थाना क्षेत्र के कमलापुर स्थित जीवक हॉस्पिटल में भर्ती महिला लक्ष्मीना देवी की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद भाग रहे आरोपी को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया था और पुलिस के हवाले कर दिया था।
पूछताछ में सामने आया पूरा घटनाक्रम
पुलिस हिरासत में लेने के बाद आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही थी। जांच में मिले साक्ष्यों और बयान के आधार पर पुलिस को तीनों घटनाओं में उसके शामिल होने के संकेत मिले। इसके बाद पुलिस उसे घटनास्थल पर लेकर गई थी ताकि पूरी वारदात को रीक्रिएट किया जा सके।
लेकिन मौके पर पहुंचते ही आरोपी ने हमला कर दिया और पुलिस टीम को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस को मजबूरन जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
छह साल पहले सेना से हुआ था रिटायर
पुलिस जांच में सामने आया है कि गुरप्रीत सिंह पंजाब के अमृतसर का रहने वाला था और भारतीय सेना में तैनात रह चुका था। करीब छह साल पहले वह सेना से रिटायर हुआ था। उसके पास से एक लाइसेंसी हथियार और एक अवैध असलहा भी बरामद किया गया है।
पुलिस अब उसके परिवार और करीबी लोगों से संपर्क कर उसके मानसिक और सामाजिक व्यवहार से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
रेलवे सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
लगातार ट्रेनों में हुई गोलीबारी और हत्या की घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में पर्याप्त सुरक्षा जांच और निगरानी नहीं होने से अपराधी आसानी से हथियार लेकर सफर कर रहे हैं।
रेलवे पुलिस और जिला प्रशासन अब सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य जांच बिंदुओं के आधार पर पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं। वहीं इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है।