गड़ई नदी खुदाई पर भड़के पूर्व सांसद रामकिशुन, बोले- बरसात से पहले पूरा हो काम वरना किसानों को होगा भारी नुकसान

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Chandauli News: क्षेत्रीय किसानों की शिकायतों के बाद पूर्व सांसद रामकिशुन गड़ई नदी में चल रहे खुदाई कार्य का निरीक्षण करने महदेऊर, चूड़ियां बांध समेत कई स्थानों पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान किसानों ने नदी की खुदाई में अनियमितता और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया। किसानों का कहना था कि यदि समय रहते सही तरीके से खुदाई नहीं हुई तो बरसात के मौसम में जल निकासी की समस्या बनी रहेगी और खेतों में पानी भरने से फसलें बर्बाद हो सकती हैं।

किसानों ने जताई नाराजगी, अधिकारियों से मांगा जवाब

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों और किसानों ने पूर्व सांसद के सामने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। किसानों का आरोप था कि नदी की खुदाई तय मानकों के अनुसार नहीं कराई जा रही है और कई जगहों पर कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है।

किसानों की शिकायत सुनने के बाद पूर्व सांसद रामकिशुन ने मौके पर ही नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने मुख्य अभियंता से मोबाइल फोन पर बातचीत कर कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

“मानसून से पहले पूरा हो काम”

पूर्व सांसद ने कहा कि मानसून आने में अब बहुत कम समय बचा है। ऐसे में बारिश शुरू होने से पहले गड़ई नदी की पूरी तरह सफाई और खुदाई कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते काम पूरा नहीं हुआ तो आसपास के गांवों के खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

उन्होंने नदी की गहराई बढ़ाने के साथ-साथ तटबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

“किसानों के हित से जुड़ा है मुद्दा”

रामकिशुन ने कहा कि गड़ई नदी का गहरीकरण और सफाई सिर्फ विकास कार्य नहीं बल्कि किसानों के हित से जुड़ा अहम मुद्दा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बरसात से पहले हर हाल में कार्य पूरा कराया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को जलभराव और फसल नुकसान जैसी समस्याओं से बचाया जा सके।

पहले भी किसानों के साथ की थी पदयात्रा

बताया गया कि गड़ई नदी की खुदाई और किसानों की समस्याओं को लेकर पूर्व सांसद रामकिशुन पहले भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रीय किसानों के साथ पदयात्रा कर नदी की स्थिति को लेकर आवाज उठाई थी। किसानों के दबाव और जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद ही प्रशासन ने नदी खुदाई का कार्य शुरू कराया था।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान यासीन अहमद, नाथूराम, हरदेव यादव, प्यारे यादव, टेंगरी साव, बबलू खान, सुदर्शन, बब्बू बियार, टेंचु यादव, सुभाष, शिवाधार, बाबूलाल शाह और निजामुद्दीन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।


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