
Online Pharmacy Protest: देशभर में ऑनलाइन और ई-फार्मेसी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ दवा कारोबारियों ने बड़ा कदम उठाया है। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने 20 मई को राष्ट्रव्यापी बंद का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस हड़ताल में देशभर के करीब 7 से 8 लाख मेडिकल स्टोर शामिल हो सकते हैं।
राजधानी दिल्ली में भी इस बंद का बड़ा असर देखने को मिल सकता है। संगठन के मुताबिक दिल्ली में करीब 15 हजार मेडिकल स्टोर बंद रहने की संभावना है। हालांकि दवा कारोबारियों ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन दवा सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ऑनलाइन फार्मेसी से छोटे कारोबारियों में नाराजगी
दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी प्लेटफॉर्म भारी डिस्काउंट और तेज डिलीवरी के जरिए पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स के कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ई-फार्मेसी कंपनियों की आक्रामक रणनीति की वजह से छोटे दुकानदारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
दिल्ली रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस (RDCA) के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने कहा कि छोटे मेडिकल स्टोर लगातार दबाव में हैं और कई दुकानदारों की रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस मुद्दे पर ठोस नीति नहीं बनाई गई तो पारंपरिक दवा कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
कई संगठनों ने बंद से बनाई दूरी
जहां एक तरफ AIOCD इस आंदोलन को बड़ा जनसमर्थन मिलने का दावा कर रहा है, वहीं कुछ दवा कारोबारी संगठनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है। ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन (AICDF) ने साफ कर दिया है कि वह इस बंद का समर्थन नहीं करेगा।
संगठन के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने कहा कि बाजार बंद करने से व्यापारियों को ही नुकसान होगा और इससे अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान बातचीत और नीति सुधार के जरिए निकाला जाना चाहिए।
दवा उपलब्धता पर सरकार की नजर
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के सूत्रों के अनुसार सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। कई राज्य स्तरीय फार्मेसी संगठनों ने भरोसा दिलाया है कि आवश्यक दवाओं की उपलब्धता प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक एजेंसियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि मरीजों को जरूरी दवाएं समय पर मिलती रहें और किसी प्रकार की आपात स्थिति पैदा न हो।