
UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर लंबे इंतजार के बाद बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इसके साथ ही पंचायत चुनाव की तैयारियों को नई रफ्तार मिल गई है और अब चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अंतिम मतदाता सूची जिला स्तर पर प्रकाशित की गई है। संबंधित जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में सूची जारी कर रहे हैं। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया गया है।
40 लाख से ज्यादा नए मतदाता बने चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा
पंचायत चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 23 दिसंबर को अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की थी। उस समय प्रदेश में कुल 12.69 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए थे।
इसके बाद हुए व्यापक पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए। आयोग के अनुसार अंतिम सूची में 40.19 लाख नए मतदाताओं को शामिल किया गया है, जबकि सत्यापन और संशोधन प्रक्रिया के दौरान करीब 1.41 करोड़ नाम सूची से हटाए गए हैं।
नई सूची के साथ पंचायत चुनाव का मतदाता आधार भी पूरी तरह अपडेट हो गया है।
पहली बार मिलेगा नया 9 अंकों का स्टेट वोटर नंबर
इस बार पंचायत चुनाव में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं को नया 9 अंकों का स्टेट वोटर नंबर आवंटित किया है।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मतदाताओं की पहचान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे चुनावी प्रबंधन आसान होगा और डुप्लीकेट मतदान जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा।
नई तकनीक के जरिए मतदाताओं का फोटो और पूरा विवरण डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा, जिससे चुनाव प्रक्रिया और अधिक सटीक होगी।
169 दिन बाद पूरी हुई अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया
पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची तैयार करने में आयोग को कुल 169 दिनों का समय लगा। इस दौरान लाखों दावे और आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिनकी सुनवाई कर उनका निस्तारण किया गया।
सूची जारी करने की समय-सीमा भी कई बार बढ़ानी पड़ी, जिसके चलते पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में देरी हुई। हालांकि अब आयोग ने अंतिम सूची जारी कर दी है और चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद तेज हुई प्रक्रिया
पंचायत चुनाव में हो रही देरी को लेकर हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी राज्य निर्वाचन आयोग से सवाल पूछे थे। अदालत ने चुनाव कार्यक्रम को लेकर स्पष्ट जानकारी मांगी थी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा था।
इसके बाद आयोग ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी। माना जा रहा है कि अब चुनाव अधिसूचना जारी करने की दिशा में भी तेजी देखने को मिल सकती है।
अब चुनाव कार्यक्रम पर टिकी नजरें
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। पंचायत चुनाव को लेकर गांव-गांव में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और संभावित प्रत्याशी भी सक्रिय हो गए हैं।
हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद चुनाव अधिसूचना जारी होने की संभावनाएं काफी मजबूत मानी जा रही हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब पंचायत चुनाव की प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है और जल्द ही चुनावी तारीखों का ऐलान किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश की ग्रामीण राजनीति के लिहाज से यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए प्रदेश की हजारों ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा।