
Chandauli News: मानसून से पहले बाढ़ और अन्य आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए चंदौली में 11 जून को बड़े स्तर पर राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान गंगा में बाढ़, अचानक आई फ्लैश फ्लड, नाव दुर्घटना, सड़क कटाव और बांध में रिसाव जैसी आपात परिस्थितियों का वास्तविक अभ्यास किया जाएगा।
इसकी तैयारी के तहत मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में टेबल-टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), मौसम विभाग और अन्य एजेंसियों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
आपदा के समय विभागों की तैयारी होगी परखी
प्रशासन के अनुसार मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, राहत कार्यों की गति और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की क्षमता का परीक्षण करना है।
इस अभ्यास में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, सिंचाई विभाग, होमगार्ड, पीआरडी, एनसीसी, एनएसएस, नागरिक सुरक्षा, पीएसी, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां शामिल रहेंगी।
सकलडीहा में गंगा बाढ़ का होगा अभ्यास
तहसील सकलडीहा के ग्राम पसहटा में ऐसी स्थिति बनाई जाएगी, जिसमें गंगा नदी का पानी गांव में प्रवेश कर गया हो।
इस दौरान:
- खोज एवं बचाव अभियान चलाया जाएगा
- राहत शिविर स्थापित किए जाएंगे
- बाढ़ चौकी बनाई जाएगी
- पशु शिविर स्थापित होंगे
- फील्ड हॉस्पिटल संचालित किया जाएगा
- संचार के वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था की जाएगी
चकिया में फ्लैश फ्लड का सीन तैयार होगा
चकिया क्षेत्र के लतीफ शाह बीयर में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की स्थिति का अभ्यास किया जाएगा।
परिदृश्य के अनुसार कुछ पर्यटक पानी में फंस जाएंगे जबकि कुछ के बह जाने की सूचना मिलेगी। इसके बाद:
- रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा
- घायलों को प्राथमिक उपचार दिया जाएगा
- एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा जाएगा
- मीडिया ब्रीफिंग कर अफवाहों को नियंत्रित किया जाएगा
नाव हादसे का भी होगा रेस्क्यू ऑपरेशन
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) क्षेत्र में ऐसी स्थिति बनाई जाएगी जिसमें बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को निकालते समय नाव दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है।
इस दौरान:
- डूबे लोगों की तलाश की जाएगी
- राहत और बचाव कार्य संचालित होंगे
- घायलों को प्राथमिक उपचार दिया जाएगा
- जरूरत पड़ने पर अस्पताल रेफर किया जाएगा
सड़क कटाव और बांध रिसाव की भी होगी जांच
तहसील सदर में चंदौली-बबुरी मार्ग के बाढ़ में कट जाने की स्थिति का अभ्यास होगा। इसमें सड़क बहाल करने, यातायात नियंत्रण और रूट डायवर्जन की प्रक्रिया का परीक्षण किया जाएगा।
वहीं नौगढ़ क्षेत्र में बांध में अधिक पानी के दबाव के कारण रिसाव की काल्पनिक स्थिति बनाई जाएगी। अधिकारियों की टीम रिसाव रोकने और आसपास की आबादी को अलर्ट करने की कार्रवाई का अभ्यास करेगी।
प्रशासन बोले- आपदा के समय बेहतर प्रतिक्रिया है लक्ष्य
अधिकारियों के अनुसार इस अभ्यास के जरिए यह परखा जाएगा कि किसी बड़ी आपदा की स्थिति में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य और राहत एजेंसियां कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया दे सकती हैं।
मॉक ड्रिल के दौरान सामने आने वाली कमियों को चिन्हित कर भविष्य के लिए सुधारात्मक कदम भी तय किए जाएंगे, ताकि वास्तविक आपदा के समय जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
11 जून को होने वाली यह मॉक ड्रिल जिले की अब तक की सबसे बड़ी आपदा प्रबंधन अभ्यास गतिविधियों में शामिल मानी जा रही है।