
Aditi Yadav objectionable post: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बड़ी बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में कानपुर और प्रतापगढ़ में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। आरोप है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अदिति यादव के खिलाफ भ्रामक और अभद्र सामग्री साझा कर उनकी तथा उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कानपुर और प्रतापगढ़ में दर्ज हुई एफआईआर
जानकारी के मुताबिक कानपुर में भरत पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं प्रतापगढ़ में ‘शीतला सुजान कवि’ नाम से संचालित एक सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अदिति यादव के संबंध में आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट प्रसारित किए गए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
ओम प्रकाश राजभर ने जताई नाराजगी
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अदिति यादव उनकी भी बेटी समान हैं और किसी भी बेटी के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी बेहद शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने इस दौरान राजनीतिक दलों को भी नसीहत देते हुए कहा कि विरोधियों और उनके परिवारों के खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम से अभद्र टिप्पणियां करवाने की संस्कृति गलत है।
राजभर ने यह भी कहा कि जांच के बाद यदि किसी राजनीतिक कार्यकर्ता की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने भी की निंदा
भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी महिला या बेटी के सम्मान को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
वायरल दावों पर पूर्व सहपाठी का बयान
इस बीच अदिति यादव के एक पूर्व सहपाठी आदर्श यादव ने फेसबुक पर पोस्ट साझा कर सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ दावों को गलत बताया है।
उन्होंने कहा कि अदिति यादव लंदन में नहीं, बल्कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
एडिटेड फोटो पोस्ट करने का भी आरोप
कानपुर साइबर थाने में समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि एक सोशल मीडिया अकाउंट से अदिति यादव के बारे में भ्रामक जानकारी साझा की गई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक कथित रूप से एडिट की गई तस्वीर पोस्ट कर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। साथ ही अन्य सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा भी आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज
इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर महिलाओं की गरिमा, फेक कंटेंट और डिजिटल जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज हो गई है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस मामले में संयम और जिम्मेदार व्यवहार की अपील की है।