
Chandauli News: चंदौली में लोक निर्माण विभाग (PWD) की एक महत्वपूर्ण स्ट्रीट लाइट परियोजना में बड़ी मात्रा में सामग्री गायब होने का मामला सामने आया है। परियोजना का कार्य कर रही कंपनी नीलांबरी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड ने इस संबंध में मुगलसराय कोतवाली में अपने ही दो कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। कंपनी का दावा है कि परियोजना से जुड़ी करीब 55 से 70 लाख रुपये मूल्य की सामग्री गोदाम से गायब पाई गई है।
सिक्स और फोर लेन मार्ग पर लगनी थीं डेकोरेटिव लाइटें
जानकारी के अनुसार पीडीडीयू नगर क्षेत्र में सिक्स और फोर लेन सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बाद डिवाइडर और सड़क किनारे डेकोरेटिव पोल एवं स्ट्रीट लाइट लगाने का काम चल रहा है। यह परियोजना लोक निर्माण विभाग की देखरेख में संचालित की जा रही है और इसका जिम्मा नीलांबरी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है।
परियोजना को जिले की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं में शामिल माना जा रहा है।
गोदाम से गायब मिली सामग्री
कंपनी ने परियोजना से जुड़ी सामग्री के भंडारण के लिए जलीलपुर के पास एक गोदाम बनाया था। इसी गोदाम में स्ट्रीट लाइट पोल, विद्युत उपकरण और अन्य जरूरी सामग्री रखी गई थी।
कंपनी के अनुसार गोदाम की सुरक्षा, निगरानी और स्टॉक का पूरा लेखा-जोखा प्रतापगढ़ निवासी चंद्रभान वर्मा और लखनऊ निवासी अनुभव शुक्ला के जिम्मे था।
कुछ समय पहले कंपनी को जानकारी मिली कि गोदाम से बड़ी मात्रा में सामग्री गायब है। इसके बाद आंतरिक स्तर पर जांच की गई और मामला पुलिस तक पहुंचा।
कंपनी ने दर्ज कराई शिकायत
नीलांबरी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि उज्जवल चंद्रमणि ने मुगलसराय कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि परियोजना से जुड़ी सामग्री संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई है। इसकी शिकायत पहले पुलिस और आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से भी की गई थी।
कंपनी का कहना है कि सामग्री गायब होने से परियोजना का कार्य प्रभावित हुआ है और निर्माण कार्य की गति पर भी असर पड़ा है।
मुख्यमंत्री स्तर से प्रस्तावित था उद्घाटन
कंपनी के प्रतिनिधि के अनुसार यह परियोजना शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है। योजना पूरी होने के बाद इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री स्तर से प्रस्तावित था। ऐसे में सामग्री गायब होने की घटना ने परियोजना की समयसीमा और प्रगति दोनों को प्रभावित किया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मुगलसराय कोतवाली प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि कंपनी की शिकायत के आधार पर चंद्रभान वर्मा और अनुभव शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सामग्री चोरी हुई है, गबन किया गया है या किसी अन्य तरीके से गायब हुई है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि गोदाम से सामग्री कब और कैसे गायब हुई, सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही हुई या नहीं, और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। मामले के सामने आने के बाद परियोजना से जुड़े विभागीय अधिकारियों की भी नजर इस जांच पर बनी हुई है।