
Chandauli News: चंदौली में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम किसानों की समस्याओं के समाधान का बड़ा मंच बनकर सामने आया। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने सिंचाई, खाद-बीज, बिजली आपूर्ति, नहरों की सफाई और डीजल उपलब्धता से जुड़ी समस्याएं खुलकर रखीं। इस दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अपारदर्शिता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने कहा कि किसान दिवस केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि अन्नदाताओं की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने का मंच है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को किसानों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
खाद-बीज की उपलब्धता पर सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने कृषि विभाग और सहकारी समितियों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को उन्नत किस्म के बीज और उर्वरक समय से उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने निजी खाद-बीज विक्रेताओं और समितियों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता पाई जाती है तो तत्काल कार्रवाई की जाए।
सहकारी समितियों में यूरिया और डीएपी का पर्याप्त भंडारण बनाए रखने तथा वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
सिंचाई व्यवस्था और नहरों की समस्याओं पर जताई नाराजगी
किसानों ने बैठक में नहरों में गिर रहे सीवर के गंदे पानी और नहर पटरियों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राजस्व विभाग के अधिकारियों को संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
चंद्रप्रभा, मूसाखांड और अन्य नहर प्रणालियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि नहरों के अंतिम छोर तक हर हाल में पानी पहुंचना चाहिए, ताकि धान की नर्सरी और अन्य फसलों के लिए किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके।
धान सीजन से पहले ट्यूबवेल और पंपों की होगी समीक्षा
धान की रोपाई और नर्सरी के मौजूदा सीजन को देखते हुए जिलाधिकारी ने लघु सिंचाई विभाग को जिले के सभी चालू और बंद पड़े ट्यूबवेलों तथा पंपों की ब्लॉकवार सूची तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जो ट्यूबवेल तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं, उन्हें युद्धस्तर पर ठीक कराया जाए ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।
बिजली आपूर्ति और ट्रांसफार्मर बदलने के निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को लेकर भी प्रशासन सख्त नजर आया। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को रोस्टर के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सिंचाई के समय जले हुए ट्रांसफार्मरों को 24 से 48 घंटे के भीतर बदलने की हिदायत दी।
डीजल संकट पर होगी विशेष बैठक
किसानों ने खेती के सीजन में पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध नहीं होने की समस्या भी उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को तत्काल बैठक कर समाधान निकालने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अतिक्रमण और सड़क सुरक्षा पर भी सख्त रुख
बैठक के दौरान सड़कों पर निर्माण सामग्री रखकर अतिक्रमण करने और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ाने वाले लोगों के खिलाफ भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन को संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
किसानों को दिया भरोसा
बैठक के अंत में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने दो टूक कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही या ढिलाई मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई, उपनिदेशक कृषि भीमसेन, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव, एआर कोऑपरेटिव विपिन कुमार सिंह, डिप्टी आरएमओ राघवेंद्र सिंह, सिंचाई, विद्युत, जल निगम, पीडब्ल्यूडी, उद्यान और पशुपालन विभाग के अधिकारी सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।