
PAN Card New Rules 2026: केंद्र सरकार ने PAN कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। नए आयकर प्रावधानों के तहत 1 अप्रैल 2026 से कई वित्तीय लेन-देन के लिए PAN कार्ड की अनिवार्यता और सख्त हो सकती है, जबकि कुछ छोटे ट्रांजैक्शनों में लोगों को राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाना, टैक्स चोरी पर लगाम लगाना और डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाना है।
क्यों किए जा रहे हैं बदलाव?
सरकार का मानना है कि बड़े वित्तीय लेन-देन की निगरानी के लिए PAN कार्ड सबसे अहम पहचान दस्तावेजों में से एक है। नए नियमों के जरिए उच्च मूल्य के ट्रांजैक्शनों पर नजर रखना आसान होगा और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों को समय रहते चिन्हित किया जा सकेगा।
साथ ही करदाताओं के लिए अनुपालन प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।
इन मामलों में नहीं देना होगा PAN कार्ड
प्रस्तावित नियमों के तहत कुछ सीमित और कम जोखिम वाले लेन-देन में PAN कार्ड की अनिवार्यता खत्म करने की बात कही गई है। हालांकि ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति को Form 97 जमा करना पड़ सकता है।
इन ट्रांजैक्शनों में राहत मिल सकती है—
- कम मूल्य के बैंकिंग ट्रांजैक्शन
- सीमित नकद भुगतान
- निर्धारित सीमा के भीतर छोटे प्रॉपर्टी सौदे
- कम राशि के निवेश
- छोटे होटल और रेस्टोरेंट भुगतान
- कुछ बीमा और वित्तीय सेवाएं
- विशेष शर्तों के तहत बेसिक बैंक अकाउंट खोलना
- अन्य कम जोखिम वाले वित्तीय लेन-देन
हालांकि इन सभी ट्रांजैक्शनों का रिकॉर्ड रखा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आयकर विभाग को उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इन कामों के लिए PAN कार्ड रहेगा अनिवार्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उच्च मूल्य वाले वित्तीय लेन-देन में PAN कार्ड पहले की तरह जरूरी रहेगा। इनमें शामिल हैं—
बैंकिंग लेन-देन
यदि किसी वित्तीय वर्ष में कोई व्यक्ति 10 लाख रुपये से अधिक नकद जमा या निकासी करता है तो PAN कार्ड देना अनिवार्य होगा।
निवेश
50 हजार रुपये से अधिक के म्यूचुअल फंड निवेश, बड़ी एफडी, बॉन्ड और अन्य उच्च मूल्य निवेशों के लिए PAN जरूरी रहेगा।
बड़ी खरीदारी
2 लाख रुपये से अधिक की नकद खरीदारी, विशेष रूप से सोना, आभूषण या अन्य महंगे सामान खरीदने पर PAN देना होगा।
प्रॉपर्टी डील
45 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति की खरीद-बिक्री में PAN कार्ड अनिवार्य रहेगा।
वित्तीय सेवाएं
क्रेडिट कार्ड, डिमैट अकाउंट और विभिन्न प्रकार के लोन के लिए आवेदन करते समय भी PAN कार्ड की आवश्यकता होगी।
Form 60 की जगह आया Form 97
नए नियमों के तहत लंबे समय से इस्तेमाल हो रहा Form 60 समाप्त कर दिया गया है। उसकी जगह अब Form 97 लागू किया जाएगा।
हालांकि Form 97 केवल चुनिंदा मामलों में ही मान्य होगा। सरकार ने साफ किया है कि बड़े वित्तीय लेन-देन में PAN कार्ड का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा और वहां PAN देना अनिवार्य रहेगा।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों से छोटे और सामान्य लेन-देन पहले की तुलना में आसान हो सकते हैं। वहीं बड़ी खरीदारी, निवेश और बैंकिंग गतिविधियों में PAN कार्ड की भूमिका और मजबूत होगी।
ऐसे में जिन लोगों के पास अभी तक PAN कार्ड नहीं है या जिनका PAN आधार से लिंक नहीं है, उन्हें समय रहते जरूरी प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। आने वाले समय में अधिकांश बड़े वित्तीय लेन-देन में PAN कार्ड की आवश्यकता पहले से अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है।
पारदर्शिता बढ़ाने पर सरकार का जोर
सरकार का दावा है कि प्रस्तावित बदलावों से राशनलाइजेशन, बेहतर रिपोर्टिंग और टैक्स अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी या संदिग्ध लेन-देन पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
फिलहाल इन नियमों को लेकर अंतिम अधिसूचना और विस्तृत दिशानिर्देश जारी होने का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन संकेत साफ हैं कि 2026 से PAN कार्ड वित्तीय लेन-देन का और भी अहम हिस्सा बनने वाला है।