
Chandauli News: चंदौली के सकलडीहा तहसील परिसर में सोमवार को एक सरकारी फाइल को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि तहसील में तैनात एक माल बाबू ने फाइल मांगने पहुंचे अधिवक्ता पर हमला कर दिया। इस हमले में अधिवक्ता के चेहरे पर गंभीर चोट आई। घटना के बाद तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर जुट गए। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
फाइल लेने पहुंचे थे अधिवक्ता, शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार अधिवक्ता उपेंद्र सिंह धारा 138 (2) से संबंधित एक मामले की लंबित फाइल लेने के लिए सकलडीहा तहसील पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि संबंधित फाइल पिछले दिन से लंबित थी, जिसकी शिकायत अधिवक्ता ने तहसीलदार से भी की थी।
सोमवार को जब उन्होंने दोबारा फाइल मांगी, तो तहसील में तैनात माल बाबू साकिब अली से उनकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
धारदार वस्तु से हमला करने का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान माल बाबू ने कथित तौर पर किसी धारदार वस्तु से अधिवक्ता के चेहरे पर हमला कर दिया। हमले में अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके चेहरे से खून बहने लगा।
घटना की सूचना मिलते ही तहसील परिसर में मौजूद अन्य अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में वकील इकट्ठा हो गए और आरोपी कर्मचारी को पकड़ने का प्रयास किया, जिससे कुछ समय के लिए परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।
तहसील परिसर में बढ़ा तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना के बाद तहसील परिसर में तनाव फैल गया। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने तहसील परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
फाइल पहले से थी लंबित
अधिवक्ता का आरोप है कि संबंधित राजस्व फाइल लंबे समय से लंबित थी। उन्होंने पहले भी इस संबंध में तहसीलदार से शिकायत की थी, लेकिन समाधान नहीं हुआ। सोमवार को फाइल लेने पहुंचे तो विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
मामले की जांच शुरू
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। तहसील परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी घटना की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।