सूखते तालाबों को मिलेगी नई जिंदगी! चंदौली में शुरू होगा जलस्रोतों का डिजिटल सर्वे

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Chandauli News

Chandauli News: चंदौली में जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। VJ Geomatics योजना के तहत गांवों में मौजूद तालाब, पोखर, कुएं और अन्य पारंपरिक जलस्रोतों का व्यापक वैज्ञानिक सर्वे कराया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य जलस्रोतों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर उनका पुनर्जीवन करना, अतिक्रमण हटाना और वर्षा जल के बेहतर संरक्षण के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल एवं सिंचाई की उपलब्धता बढ़ाना है।

पंचायतीराज विभाग करेगा जिलेभर में सर्वे

योजना के तहत पंचायतीराज विभाग जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद पारंपरिक जलस्रोतों की विस्तृत मैपिंग और सर्वे करेगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक जलस्रोत की वर्तमान स्थिति, जलधारण क्षमता, गहराई, अतिक्रमण, गाद जमाव और मरम्मत की आवश्यकता का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

प्रशासन का मानना है कि इससे उन जलस्रोतों की पहचान हो सकेगी जो वर्षों से उपेक्षित हैं या जिन पर अतिक्रमण के कारण उनका अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

अतिक्रमण हटाकर होगा जलस्रोतों का पुनर्जीवन

सर्वे पूरा होने के बाद चिन्हित जलस्रोतों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही गाद निकालने, गहराई बढ़ाने, तटबंधों की मरम्मत और वर्षा जल संचयन की समुचित व्यवस्था विकसित की जाएगी।

योजना के तहत जलस्रोतों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि वे अधिक मात्रा में वर्षा जल का संग्रह कर सकें। इससे भूजल स्तर में सुधार आने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता भी बेहतर होगी।

भूजल स्तर सुधारने पर रहेगा विशेष फोकस

जिला प्रशासन का मानना है कि लगातार घटते भूजल स्तर को देखते हुए पारंपरिक जलस्रोतों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि तालाब, पोखर और कुएं दोबारा जीवंत किए जाते हैं तो इससे प्राकृतिक जल पुनर्भरण (Recharge) में तेजी आएगी और जल संकट से काफी हद तक राहत मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार पारंपरिक जलस्रोतों का संरक्षण जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

किसानों और ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। वर्षा जल संरक्षण बेहतर होने से सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, जबकि गांवों में पेयजल संकट भी कम होगा।

इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और स्थानीय जल संसाधनों के स्थायी उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रशासन का लक्ष्य

जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले के सभी पारंपरिक जलस्रोतों को पुनर्जीवित कर उन्हें दोबारा उपयोगी बनाना है। अधिकारियों का कहना है कि VJ Geomatics योजना के माध्यम से तैयार होने वाली विस्तृत रिपोर्ट भविष्य की जल संरक्षण योजनाओं की मजबूत आधारशिला साबित होगी और चंदौली को जल संकट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


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