
Chandauli News: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ के अवसर पर बुधवार को चंदौली कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। इस दौरान प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश के शिक्षक सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानित होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा और शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव हैं और सरकार उनके कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
कार्यक्रम में राज्य मंत्री के साथ जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर जनपद के 15 शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक हेल्थ कार्ड वितरित किए गए।

चंदौली के 10 हजार से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने बताया कि योजना के तहत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, विद्यालयों में कार्यरत रसोइया तथा उनके आश्रितों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ चंदौली जिले के लगभग 10,327 पात्र लाभार्थियों को मिलेगा। लाभार्थी सूचीबद्ध सरकारी एवं पैनल अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे।
विद्यार्थियों के खातों में पहुंचे ₹1200, अभिभावकों से की सही उपयोग की अपील
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से प्रति छात्र 1,200 रुपये की राशि भी भेजी गई।
राज्य मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि इस धनराशि का उपयोग केवल बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं पर ही किया जाए। उन्होंने कहा कि इस राशि से बच्चों के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी खरीदी जाए तथा उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजा जाए।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बीमा सुरक्षा भी होगी मजबूत
कार्यक्रम के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच हुए समझौते (एमओयू) का भी लाइव प्रसारण किया गया। इसके तहत प्रदेश के करीब 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मचारियों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाले स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों को 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, 1 करोड़ रुपये का पर्सनल एक्सीडेंट कवर, 1 करोड़ रुपये का स्थायी दिव्यांगता बीमा, 1.6 करोड़ रुपये तक का एयर एक्सीडेंट कवर तथा किसी अनहोनी की स्थिति में बच्चों की शिक्षा और पुत्रियों के विवाह के लिए अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।
इसी प्रकार संविदा कर्मचारियों को वेतनमान के अनुसार 80 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा, स्थायी अथवा आंशिक दिव्यांगता पर बीमा कवर और एयर एक्सीडेंट बीमा की सुविधा मिलेगी। वहीं 10 हजार रुपये से कम मासिक वेतन वाले कर्मचारियों को जीरो बैलेंस बैंक खाता, एसबीआई डेबिट कार्ड तथा 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों को दिया भरोसा, शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का संकल्प
जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिला प्रशासन शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के अंत में राज्य मंत्री और जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, जनप्रतिनिधि, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षा विभाग के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।