
Varanasi News: मंत्री रविन्द्र जायसवाल के खिलाफ समाजवादी पार्टी के विरोध प्रदर्शन के अगले ही दिन वाराणसी की सियासत और गरमा गई। शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और कलेक्ट्रेट गेट पर पहले से ही पुलिस बल तैनात रहा।
कलेक्ट्रेट गेट पर रोके गए भाजपाई, बाहर ही किया प्रदर्शन
भाजपा कार्यकर्ता मंत्री रविन्द्र जायसवाल के समर्थन में जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने मुख्य गेट नहीं खोला। इसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गेट के बाहर ही प्रदर्शन करते हुए अखिलेश यादव के खिलाफ नारे लगाए और उनका प्रतीकात्मक पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया।
सपा के प्रदर्शन के बाद BJP का पलटवार
दरअसल, गुरुवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चंदौली दौरे के दौरान मंत्री रविन्द्र जायसवाल की कथित टिप्पणी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। सपा का आरोप था कि मंत्री ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ अमर्यादित बयान दिया है। इसी के जवाब में शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताया।
‘मंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे’ : राकेश सिंह अलगू
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं जिला सहकारी फेडरेशन लिमिटेड के सभापति राकेश सिंह अलगू ने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा मंत्री रविन्द्र जायसवाल के चित्र पर थूकना और उसका अपमान करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह समाजवादी पार्टी की संकीर्ण और असभ्य मानसिकता को दर्शाता है। भाजपा कार्यकर्ता इस तरह के व्यवहार को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
राम मंदिर मुद्दे पर भी सपा पर साधा निशाना
भाजपा की शक्ति संयोजक नीलम चौबे और वंदना श्रीवास्तव ने भी समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव लगातार अयोध्या में श्रीराम मंदिर को लेकर विवादित बयान देते रहे हैं। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि श्रीराम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े मुद्दों पर समाजवादी पार्टी लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े चंदे के मुद्दे पर बिना किसी प्रमाण के बयान दिए जा रहे हैं और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि इस तरह की बयानबाजी केवल समाज में भ्रम और राजनीतिक तनाव पैदा करने का प्रयास है।
प्रदेश की राजनीति में बढ़ी तल्खी
रविन्द्र जायसवाल के बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सीधी राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। एक ओर सपा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं भाजपा मंत्री के समर्थन में खुलकर मैदान में उतर आई है। लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होता दिखाई दे रहा है।