
Chandauli News: आगामी चुनावों को देखते हुए चंदौली जिले में मतदान व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और मतदाता अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिले के मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) का पुनर्गठन लगभग अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रस्ताव के अनुसार अब जिले में कुल 1671 मतदान केंद्र होंगे। पुनर्गठन के बाद बूथों की संख्या में बदलाव का प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक
कलेक्ट्रेट सभागार में उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 1200 मतदाताओं के मानक पर बूथों के युक्तिकरण एवं पुनर्गठन प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के बाद अधिकांश बिंदुओं पर सहमति बनी और प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया।
30 बूथ होंगे मर्ज, 9 नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे
भौतिक सत्यापन और मतदाता संख्या के आधार पर तैयार प्रस्ताव के अनुसार जिले में 9 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक हो चुकी थी।
वहीं, 1200 से कम मतदाता वाले 30 मतदान केंद्रों को संबंधित क्षेत्र के अन्य बूथों में समायोजित (मर्ज) करने का निर्णय लिया गया है। इस बदलाव के बाद जिले में वर्तमान 1691 मतदान केंद्रों की संख्या घटकर 1671 रह जाएगी।
2 किलोमीटर से अधिक नहीं होगी दूरी
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी मतदाता को अपने मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए 2 किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े।
साथ ही पुराने और जर्जर भवनों में संचालित मतदान केंद्रों को सुरक्षित सरकारी भवनों में स्थानांतरित किया जा रहा है ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित रहे।
भूतल पर होंगे सभी मतदान केंद्र, दिव्यांग और बुजुर्गों को मिलेगी सुविधा
पुनर्गठन के दौरान विशेष रूप से दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और महिलाओं की सुविधा का ध्यान रखा गया है। सभी मतदान केंद्रों को भूतल पर संचालित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इसके अलावा प्रत्येक केंद्र पर निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप रैंप, पेयजल, शौचालय, बिजली, प्रतीक्षालय (शेड) और पर्याप्त फर्नीचर जैसी न्यूनतम मूलभूत सुविधाएं (AMF) उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
जनप्रतिनिधियों के सुझावों को भी मिली जगह
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों की ओर से प्राप्त 18 सुझावों पर विस्तार से विचार किया गया। इनमें से आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पाए गए दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
इसके अतिरिक्त भौतिक निरीक्षण में जर्जर पाए गए 9 भवनों से मतदान केंद्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का भी निर्णय लिया गया।
राजनीतिक दलों ने दी सहमति
बैठक में चकिया और सैयदराजा विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधियों के अलावा सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष, पदाधिकारी, संबंधित एसडीएम, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मौजूद रहे।
शुरुआत में कुछ बिंदुओं पर आपत्तियां दर्ज कराई गईं, लेकिन विस्तृत समीक्षा और चर्चा के बाद सभी दलों ने प्रस्ताव पर सहमति जताई। अब अंतिम प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा।