
Chandauli News: पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के डीजल शेड स्थित टीआरएस (TRS) में शनिवार को हुए एक दर्दनाक हादसे ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। कार्य के दौरान क्रेन के अगले हिस्से का हुक अचानक टूटकर गिरने से ग्रेड-वन टेक्नीशियन प्रमोद कुमार यादव (51) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले मंडल रेल अस्पताल और फिर वाराणसी के हायर सेंटर भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
मूल रूप से अलीनगर थाना क्षेत्र के बसंतू की मड़ई गांव निवासी प्रमोद कुमार यादव शनिवार को डीजल शेड के टीआरएस सेक्शन में नियमित ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान संचालन में लगी क्रेन के अगले हिस्से का हुक अचानक नीचे गिर गया और उसकी चपेट में आने से उनके सिर में गंभीर चोटें आईं।
हादसे के तुरंत बाद शेड में अफरा-तफरी मच गई। साथी कर्मचारियों ने बिना देर किए उन्हें मंडल रेल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने हालत नाजुक देखते हुए वाराणसी के हायर सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मौत के बाद कर्मचारियों में भारी आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही डीजल शेड में कार्यरत रेलकर्मियों में भारी नाराजगी फैल गई। कर्मचारियों ने कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मशीनों के संचालन और रखरखाव में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है।
रेलकर्मियों का कहना है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा संबंधी कमियों की ओर कई बार अधिकारियों का ध्यान दिलाया गया था, लेकिन समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उनका आरोप है कि यदि सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन होता, तो इस हादसे से बचा जा सकता था।
सुरक्षा मानकों की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग
कर्मचारियों ने मांग की है कि डीजल शेड में इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनों की तकनीकी जांच कराई जाए, सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और इस हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
रेलवे ने बैठाई उच्चस्तरीय जांच
हादसे की जानकारी मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
जांच टीम यह पता लगाएगी कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, क्रेन की तकनीकी स्थिति क्या थी, हुक की सुरक्षा व्यवस्था में कोई खामी थी या नहीं, और कार्यस्थल पर निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।