
Varanasi News: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शनिवार को वाराणसी दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आजम खान प्रकरण, समाजवादी पार्टी की राजनीति, जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन, एनडीए में सीट बंटवारे और शंकराचार्य के बयान सहित कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।
‘आजम खान की मौजूदा स्थिति के लिए सपा जिम्मेदार’
राजभर ने कहा कि रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े विवाद और आजम खान की मौजूदा स्थिति के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदार समाजवादी पार्टी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विश्वविद्यालय सरकारी धन से बनाया गया था और जमीन से जुड़े विवाद थे तो तत्कालीन सरकार को समय रहते सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करनी चाहिए थीं।
उन्होंने कहा कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं किए जाने की वजह से आज यह स्थिति पैदा हुई है।
अखिलेश यादव से पूछा बड़ा सवाल
ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी की मुस्लिम राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव के समय मुस्लिम समाज की बात करती है, लेकिन जब आजम खान लंबे समय तक जेल में रहे तब अखिलेश यादव उनसे मिलने तक नहीं गए।
उन्होंने कहा कि इससे साफ होता है कि समाजवादी पार्टी केवल राजनीतिक लाभ के लिए कुछ वर्गों की चिंता करती है।
‘सपा सरकार में सबसे ज्यादा अन्याय हुआ’
राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों का सबसे अधिक उत्पीड़न हुआ। उन्होंने कहा कि उस समय प्रशासन कुछ प्रभावशाली नेताओं के इशारों पर काम करता था और सामाजिक न्याय के नाम पर सबसे ज्यादा अन्याय हुआ।
सोनम वांगचुक मामले में पुलिस का किया बचाव
दिल्ली के जंतर-मंतर से आंदोलनकारियों को हटाकर अस्पताल ले जाने के मामले में राजभर ने पुलिस का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी अनशनकारी की तबीयत बिगड़ती है तो उसे अस्पताल पहुंचाना पुलिस की जिम्मेदारी होती है और पुलिस ने वही किया जो उसके कर्तव्य का हिस्सा था।
एनडीए में सीट बंटवारे पर क्या बोले?
एनडीए में आगामी चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के साथ बैठक के बाद आपसी सहमति से सीटों का बंटवारा किया जाएगा।
शंकराचार्य को भी दी नसीहत
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के हालिया राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि धार्मिक गुरुओं की भूमिका धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार तक सीमित रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में कई शंकराचार्य हैं और सभी को सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
राजभर के इन बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर समाजवादी पार्टी और सुभासपा के बीच जुबानी जंग तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।