
Chandauli News: चंदौली में अब ऐसा कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। 16 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक जनपद में ‘शारदा (स्कूल हर दिन आए)’ कार्यक्रम के तहत विशेष सर्वे अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों की पहचान की जाएगी, जो कभी स्कूल नहीं गए या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। चिन्हित बच्चों का आयु संगत कक्षाओं में नामांकन कराकर उन्हें दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तर प्रदेश के निर्देश पर संचालित इस अभियान की तैयारियों को लेकर 17 जुलाई को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान की कार्ययोजना, सर्वे की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों व प्रशिक्षुओं की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
1185 विद्यालयों के माध्यम से होगा परिवार सर्वेक्षण
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने बताया कि जनपद के 1185 परिषदीय विद्यालयों के सेवित क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे कराया जाएगा। सर्वे का कार्य डायट के बीटीसी एवं डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराया जाएगा। प्रत्येक परिवार के सर्वेक्षण पर प्रशिक्षुओं को 10 रुपये प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।
इन बच्चों की होगी पहचान
अभियान के दौरान ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जाएगा-
- जो कभी विद्यालय में नामांकित नहीं हुए।
- जिन्होंने नामांकन के बाद 30 दिनों से अधिक समय तक विद्यालय जाना छोड़ दिया।
- वार्षिक अथवा NAT मूल्यांकन में 35 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त कर ड्रॉपआउट श्रेणी में आ गए।
चिन्हित सभी बच्चों का आयु के अनुरूप कक्षा में प्रवेश कराया जाएगा तथा उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर नियमित शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
ईंट भट्ठों, ढाबों और मलिन बस्तियों तक पहुंचेगी टीम
सर्वे केवल गांवों और शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। अभियान के तहत ईंट भट्ठों, खदानों, कारखानों, होटलों, ढाबों, मलिन बस्तियों, जनजातीय एवं घुमंतू समुदायों तथा मौसमी पलायन वाले परिवारों तक भी टीम पहुंचेगी। पलायन करने वाले बच्चों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे नए स्थान के निकट स्थित विद्यालय में आसानी से प्रवेश ले सकें।
शारदा पोर्टल और मोबाइल एप से होगी निगरानी
पूरे अभियान की मॉनिटरिंग शारदा पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से की जाएगी, जो प्रेरणा पोर्टल से एकीकृत है। प्रत्येक माह खंड शिक्षा अधिकारी 15 विद्यालयों तथा जिला समन्वयक (सामुदायिक सहभागिता) 20 विद्यालयों का निरीक्षण कर चिन्हांकन, नामांकन, उपस्थिति और विशेष प्रशिक्षण की समीक्षा करेंगे। वहीं जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में नियमित समीक्षा बैठकें भी आयोजित होंगी।
अभिभावकों से सहयोग की अपील
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जनपदवासियों और अभिभावकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई बच्चा विद्यालय नहीं जा रहा है तो उसकी जानकारी शिक्षा विभाग को दें। उन्होंने कहा कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चंदौली का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।