
Chandauli News: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बच्चों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को चंदौली में चित्रकला, निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
तीन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम का आयोजन पूर्व माध्यमिक बालिका विद्यालय में किया गया, जिसमें पूर्व माध्यमिक विद्यालय चतुर्भुजपुर और पूर्वी बाजार के विद्यार्थियों ने भी भागीदारी की। प्रतियोगिताओं के दौरान बच्चों ने चित्रकला, निबंध लेखन और क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना तथा स्वच्छता से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
स्वच्छता और स्वास्थ्य पर बच्चों ने दिखाई जागरूकता
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छ शौचालय के महत्व, सही तरीके से हाथ धोने की प्रक्रिया और उससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ पर जानकारी साझा की।
इसके अलावा बच्चों ने दूषित जल से फैलने वाली बीमारियों, शहर को स्वच्छ बनाए रखने में नागरिकों की भूमिका और घरों में गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने (सोर्स सेग्रिगेशन) के महत्व पर भी अपने विचार रखे।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिला सम्मान
प्रतियोगिताओं के परिणाम के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित विद्यार्थियों में रानी, वंशिका, जिकरा परवीन, अंकिता शर्मा, अनीता और राखी प्रमुख रहीं। विजेताओं को प्रमाण पत्र डूडा के परियोजना अधिकारी राजेश उपाध्याय और विद्यालय के शिक्षकों ने प्रदान किए।
इन शिक्षकों और अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की ओर से श्रीमती कमर जहाँ, श्री एखलाक अहमद और श्रीमती पूनमलता सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
वहीं डूडा विभाग की ओर से डी.एन. प्रसाद, रवि गुप्ता, राजीव कुमार, मोहनीश कुमार और शशांक सिंह ने आयोजन की व्यवस्थाओं और संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।
जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम पहल
आयोजकों का कहना है कि इस तरह की प्रतियोगिताओं का उद्देश्य केवल बच्चों की प्रतिभा को मंच देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना भी है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल अपनी रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी बेहतर ढंग से समझा।