
Chandauli News: रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को मिले ध्वस्तीकरण नोटिस के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) ने चंदौली में आवाज बुलंद की। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को ज्ञापन सौंपा और सरकार से कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की। सपा नेताओं ने कहा कि यह केवल एक विश्वविद्यालय का मामला नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
सरकार पर लगाया पक्षपात का आरोप
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक कारणों से जौहर यूनिवर्सिटी को निशाना बना रही है। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय के खिलाफ की जा रही कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है और इसे राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय पर कार्रवाई की गई तो समाजवादी पार्टी इसका विरोध करेगी और जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन चलाया जाएगा।
’30 हजार से ज्यादा छात्रों का भविष्य दांव पर’
सपा नेताओं ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में करीब 30 हजार से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी कार्रवाई का सीधा असर उनकी शिक्षा और भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेने की अपील की।
जिलाध्यक्ष ने क्या कहा?
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी एक पूर्व स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर स्थापित की गई है। उनके अनुसार, यहां समाज के अलग-अलग वर्गों के गरीब और जरूरतमंद छात्र कम फीस में आधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा प्राप्त करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आजम खान को निशाना बनाकर विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। हाल ही में विश्वविद्यालय परिसर के गेट पर प्रशासन की ओर से नोटिस लगाए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
विधायक बोले- छात्रों के भविष्य का रखें ध्यान
सपा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां सभी वर्गों के छात्र बिना किसी भेदभाव के पढ़ाई करते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि किसी भी फैसले से पहले छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने दोहराया कि यदि विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ती है तो समाजवादी पार्टी इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान जमील अहमद, सुदामा यादव, औसाफ अहमद गुड्डू, रमेश यादव, मुसाफिर सिंह चौहान, रीता चिरई, चकरू यादव, संजय सोनकर, अंकित यादव सहित समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रशासन के जरिए सरकार तक पहुंचाई मांग
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार तक अपनी मांग पहुंचाते हुए कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में निष्पक्ष फैसला लिया जाए और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी।