
Chandauli News: चंदौली के दुलहीपुर में 4 अगस्त को मनाए जाने वाले इमाम हुसैन के चेहलुम पर्व की तैयारियों के बीच शिया समुदाय ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। समुदाय का आरोप है कि जुलूस मार्ग पर अब तक न तो साफ-सफाई कराई गई है और न ही लटकती पेड़ों की डालियों की छंटाई हुई है। ऐसे में धार्मिक आयोजन प्रभावित होने की आशंका जताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
दुलहीपुर से कर्बला भिसौड़ी तक निकलेगा दुलदुल का जुलूस
जिले की सबसे बड़ी शिया बस्ती दुलहीपुर सादात स्थित इमामबाड़ा हाकिम सादिक अली साहब से चेहलुम के अवसर पर पारंपरिक दुलदुल का जुलूस निकलेगा। यह जुलूस निर्धारित मार्ग से होते हुए कर्बला भिसौड़ी पहुंचेगा, जहां धार्मिक रस्में अदा की जाएंगी।
शिया समुदाय के लोगों का कहना है कि हजारों अकीदतमंद इस जुलूस में शामिल होते हैं, इसलिए मार्ग का सुरक्षित और व्यवस्थित होना बेहद जरूरी है।
प्रशासन को भेजा गया ज्ञापन
इमामबाड़ा हाकिम सादिक अली साहब के मुतवल्ली सैयद राहत रजा ने मुगलसराय थाना और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मुगलसराय को ज्ञापन देकर जुलूस मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाएं कराने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां सड़क पर झुकी हुई हैं, जिससे ताजिया और दुलदुल के जुलूस के गुजरने में दिक्कत हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व वर्षों में जुलूस से पहले प्रशासन की ओर से नियमित रूप से पेड़ों की छंटाई कराई जाती रही है।
सीवर का पानी बना बड़ी समस्या
समाजसेवी एवं पूर्व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राहिब जाफरी ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान क्षेत्र की सीवर व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
उनका कहना है कि जुलूस मार्ग के कई हिस्सों में सीवर का पानी जमा है, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी होगी। इसके अलावा कर्बला जाने वाले रास्ते पर भी अब तक पेड़ों की छंटाई नहीं कराई गई है।
समय रहते व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
शिया समुदाय ने प्रशासन से मांग की है कि चेहलुम से पहले जुलूस मार्ग की पूरी सफाई कराई जाए, सीवर की समस्या दूर की जाए और रास्ते में बाधा बन रही पेड़ों की डालियों की तत्काल छंटाई कराई जाए।
समुदाय का कहना है कि चेहलुम उनके लिए आस्था और श्रद्धा का महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से धार्मिक आयोजन प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन को दी चेतावनी
समुदाय के लोगों ने कहा कि यदि समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गईं और जुलूस के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और प्रशासन की होगी।
फिलहाल, शिया समुदाय प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है, ताकि चेहलुम का जुलूस शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।