
Chandauli News: विंध्य एक्सप्रेसवे लिंक परियोजना को लेकर चंदौली में किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। जिला मुख्यालय पर परियोजना के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों और प्रशासन के बीच बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक में किसानों ने परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) दोबारा तैयार कराने की मांग उठाते हुए उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
कलेक्ट्रेट में अधिकारियों और किसानों के बीच हुई वार्ता
अपर जिलाधिकारी (एडीएम) राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में किसानों ने अधिकारियों के सामने अपनी चिंताएं विस्तार से रखीं। उनका कहना था कि वर्तमान डीपीआर के अनुसार भूमि अधिग्रहण होने पर बड़ी संख्या में किसान भूमिहीन हो जाएंगे और उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
कार्यदायी संस्था यूपीडा (UPDA) के अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों और सुझावों को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई और कार्यक्रम तय किया जाएगा।
58 गांव परियोजना से प्रभावित, आंदोलन जारी
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक मणिदेव चतुर्वेदी ने बताया कि विंध्य एक्सप्रेसवे लिंक परियोजना से जिले के 58 गांव सीधे प्रभावित हो रहे हैं। इसी के विरोध में किसान विकास भवन के समीप अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।
उन्होंने बताया कि आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए ‘खेती बचाओ क्रांति रथ यात्रा’ भी निकाली जा रही है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को परियोजना के प्रभाव और उनकी मांगों से अवगत कराया जा सके।
उपजाऊ जमीन बचाने की उठाई मांग
किसानों ने अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि खेती योग्य जमीन अधिग्रहित हुई तो हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी और कई किसान भूमिहीन हो जाएंगे।
किसानों ने यह भी आशंका जताई कि परियोजना का वर्तमान स्वरूप कर्मनाशा और गड़ई नदियों के आसपास बसे गांवों में भविष्य में बाढ़ जैसी गंभीर समस्याएं भी पैदा कर सकता है।
वादे पूरे नहीं हुए तो आंदोलन होगा और तेज
संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि अधिकारियों ने किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया या अपने आश्वासनों से पीछे हटे, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
किसानों का कहना है कि उनका उद्देश्य विकास कार्यों का विरोध करना नहीं है, बल्कि उपजाऊ कृषि भूमि और किसानों के भविष्य की रक्षा करना है।
दर्जनों किसान रहे मौजूद
बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक मणिदेव चतुर्वेदी के अलावा अशोक सिंह, सतीश चौहान, श्रवण कुशवाहा, निखिल सिंह, विद्याधर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने प्रशासन से परियोजना पर पुनर्विचार कर ऐसा समाधान निकालने की मांग की, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित न हों और किसानों की जमीन भी सुरक्षित रह सके।