
Suvendu Adhikari Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल की राजनीति में रविवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित भव्य समारोह में हजारों समर्थकों की मौजूदगी के बीच शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री समेत पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद रहे। बीजेपी की बंगाल में यह पहली सरकार है, इसलिए इस शपथ समारोह को पार्टी के लिए बेहद खास माना जा रहा है।
“मैं नहीं, हम सब मिलकर चलाएंगे सरकार”
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले शुभेंदु अधिकारी ने साफ संदेश दिया कि उनकी सरकार सामूहिक नेतृत्व के साथ काम करेगी। उन्होंने कहा कि बंगाल के विकास और बेहतर शासन के लिए सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी बंगाल में अपनी नई सरकार को एक मजबूत और स्थिर प्रशासन के रूप में पेश करना चाहती है।

छह साल में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा बने शुभेंदु
करीब छह साल पहले शुभेंदु अधिकारी ने बीजेपी का दामन थामा था। उस समय केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खुद उन्हें पार्टी में शामिल कराया था। इसके बाद उन्होंने बंगाल की राजनीति में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत की और 2026 विधानसभा चुनाव तक पार्टी के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरे।
शुभेंदु अधिकारी को बंगाल में बीजेपी का “जायंट किलर” भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने लगातार दो चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।
ममता बनर्जी को लगातार दो चुनावों में दी मात
2021 विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था। इसके बाद 2026 के चुनाव में भवानीपुर सीट पर भी उन्होंने ममता को शिकस्त देकर बंगाल की राजनीति में नया इतिहास रच दिया।
इसी वजह से उनका मुख्यमंत्री बनना बीजेपी के लिए सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है।
बंगाल में बीजेपी का नया अध्याय शुरू
शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री और बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। पार्टी इसे बंगाल में “नई राजनीतिक शुरुआत” के रूप में पेश कर रही है। बीजेपी नेताओं का दावा है कि अब राज्य में कानून व्यवस्था, उद्योग और निवेश को लेकर बड़े फैसले लिए जाएंगे।
दूसरी तरफ तमिलनाडु में विजय की राह मुश्किल
जहां बंगाल में बीजेपी ने सरकार बना ली है, वहीं तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय की सरकार गठन की राह मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से उनकी पार्टी अभी दो विधायक पीछे बताई जा रही है।
VCK के समर्थन को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। इसी बीच AMMK प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने राज्यपाल को पत्र सौंपते हुए TVK पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
फर्जी समर्थन पत्र को लेकर बढ़ा विवाद
दिनाकरन ने चेन्नई पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि TVK ने उनके इकलौते विधायक के फर्जी हस्ताक्षर वाला समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा है। इसके जवाब में TVK ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें AMMK विधायक कामराज कथित तौर पर समर्थन पत्र लिखते दिखाई दे रहे हैं।
तमिलनाडु में जारी इस राजनीतिक खींचतान के बीच अब सबकी नजर राज्यपाल के अगले कदम और समर्थन के अंतिम आंकड़ों पर टिकी हुई है।