
Chandauli News: चंदौली में 20 मई को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद को लेकर दवा कारोबारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कमालपुर स्थित कैंप कार्यालय में दवा विक्रेता समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलेभर की मेडिकल दुकानों को बंद रखने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में ऑनलाइन दवा बिक्री, नकली दवाओं के कारोबार और जीएसटी अधिसूचना 817 को लेकर व्यापारियों ने नाराजगी जताई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति अध्यक्ष जयप्रकाश मौर्य ने कहा कि ऑनलाइन और अवैध तरीके से दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है, जिससे दवा व्यापारियों का आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ उनका उत्पीड़न भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करने वाले ऑफलाइन दवा विक्रेताओं पर लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना पर्याप्त जांच के दवाएं बेची जा रही हैं।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नशीली दवाओं की बिक्री पर जताई चिंता
समिति के महामंत्री नवनीत सिंह ने आंदोलन को व्यापारियों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सरकार ने इस समस्या का समाधान नहीं किया तो छोटे दवा व्यवसायियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।
वहीं संगठन मंत्री विकास सिंह ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई बार बिना डॉक्टर की पर्ची के नशीली और प्रतिबंधित दवाएं तक उपलब्ध हो जाती हैं, जो समाज के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि ऑफलाइन मेडिकल स्टोर संचालकों को जहां हर नियम का पालन करना पड़ता है, वहीं ऑनलाइन कंपनियां नियमों को नजरअंदाज कर रही हैं।
दवा व्यापारियों से बंद सफल बनाने की अपील
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के सकलडीहा, चहनिया, धानापुर, शहीद गांव और कमालपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों के दवा व्यापारियों से संपर्क कर बंद को सफल बनाया जाएगा। समिति पदाधिकारियों ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों से 20 मई के बंद में सहयोग देने की अपील की।
बैठक में जयप्रकाश मौर्य, नवनीत सिंह, आशुतोष शरण, विकास सिंह, नीरज गोस्वामी, डॉ. जमीर खान, विपिन अग्रहरि सहित कई दवा व्यवसायी और समिति सदस्य मौजूद रहे।