
Chandauli News: चंदौली के चकिया कोतवाली क्षेत्र में अवैध खनन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक आरोपी ने पुलिस टीम पर अवैध तमंचे से फायरिंग करने का प्रयास किया। हालांकि कारतूस मिस हो गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गणेशपुर बंधी के पास कार सवार आरोपी गिरफ्तार
चकिया पुलिस ने गणेशपुर बंधी इलाके के पास कार सवार संदीप कुमार और परदेशी को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी 9 मई को जंगल में अवैध खनन के दौरान पुलिस और वन विभाग की टीम के साथ हुई झड़प मामले में नामजद थे। इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल 21 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के दौरान एक आरोपी ने पुलिस टीम को डराने के लिए तमंचे से फायरिंग की कोशिश की, लेकिन कारतूस फंस जाने से गोली नहीं चल सकी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया।
जंगल में चल रहा था अवैध खनन
दरअसल, 9 मई को वन विभाग के रेंजर अखिलेश दुबे और चकिया कोतवाल अर्जुन सिंह की संयुक्त टीम ने अलीपुर भांगड़ा गांव के पास जंगल क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान मौके पर एक जेसीबी और दो ट्रैक्टर बिना अनुमति के मिट्टी खनन करते मिले थे।
पुलिस और वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीनों और वाहनों को कब्जे में ले लिया। इसी दौरान मामला अचानक तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस और वन विभाग की टीम से भिड़ी भीड़
छापेमारी की सूचना मिलते ही सपा नेता और पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राव, उनके भाई विजेंद्र राव समेत करीब 80 से 100 लोग मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए रास्ता जाम कर दिया और सरकारी कार्य में बाधा डाली।
इतना ही नहीं, पत्थर डालकर रास्ता अवरुद्ध किया गया और वहां से गुजर रहे लोगों के साथ भी अभद्रता की गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
पूछताछ में आरोपियों ने किए अहम खुलासे
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे महेंद्र राव के बुलावे पर मौके पर पहुंचे थे। उनका काम भीड़ इकट्ठा करना और माहौल को तनावपूर्ण बनाना था ताकि पुलिस और वन विभाग की कार्रवाई रोकी जा सके।
आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने जब्त जेसीबी, ट्रैक्टर और चालकों को पुलिस हिरासत से छुड़ाने में सहयोग किया था। घटना के बाद से दोनों लगातार फरार चल रहे थे।
पुलिस टीम में शामिल रहे ये अधिकारी
इस पूरी कार्रवाई में चकिया कोतवाल अर्जुन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय रही। टीम में अमित कुमार मिश्रा, सुनील कुमार, रामचंद्र सिंह, अनुज कुमार यादव और अनिल कुमार सिंह शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है और अवैध खनन से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।