
Chandauli News: चंदौली के सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र स्थित उकनी वीरमराय गांव में सरकारी तालाब से अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। मत्स्य पालन के लिए आवंटित इस तालाब से रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया प्रशासनिक संरक्षण में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के बजाय आंखें मूंदे बैठे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अवैध खनन का यह खेल रोजाना देर रात शुरू होता है और सुबह करीब सात बजे तक जारी रहता है। ग्रामीणों ने दावा किया कि खनन में दो जेसीबी मशीनों और एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से गांव के लोग दहशत में हैं।

ग्रामीण बोले- दबंगई के कारण कोई विरोध करने की हिम्मत नहीं करता
गांव के लोगों का कहना है कि खनन माफिया का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि कोई भी ग्रामीण रात में मौके पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। विरोध करने वालों को डराने-धमकाने की बातें भी सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक मिलीभगत के बिना इतने बड़े स्तर पर खनन संभव नहीं है।
किसानों ने तहसील प्रशासन, खनन विभाग और स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। उनका कहना है कि अधिकारी सबकुछ जानते हुए भी अनदेखी कर रहे हैं।
भीषण गर्मी में सूख गया तालाब, पशुओं के सामने पानी का संकट
करीब 10 बीघे में फैला यह सरकारी तालाब गर्मी के कारण पहले ही सूख चुका है। ऐसे में अवैध खनन ने स्थिति और गंभीर बना दी है। ग्रामीणों के अनुसार, तालाब गांव के पशुओं और आसपास के लोगों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत था, लेकिन अब वहां गहरे गड्ढे और मिट्टी की खुदाई ही दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पशुओं को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, जबकि तालाब की प्राकृतिक संरचना को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
प्रतिदिन लाखों की मिट्टी निकालने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन माफिया पट्टा धारकों को लालच देकर तालाब से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकलवा रहे हैं। गांव वालों के मुताबिक, प्रतिदिन लगभग एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक की मिट्टी अवैध रूप से बेची जा रही है।
लोगों का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है और प्रशासन की निष्क्रियता के कारण लगातार फल-फूल रहा है।
भारतीय किसान यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी
मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने भी नाराजगी जताई है। संगठन के मंडल प्रवक्ता मनिदेव चतुर्वेदी ने अवैध खनन को सरकारी संसाधनों की खुली लूट बताते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसान यूनियन बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकारी तालाबों और जल स्रोतों को बचाने के लिए प्रशासन को तत्काल सख्त कदम उठाने चाहिए, अन्यथा ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
एसडीएम बोले- होगी जांच, दोषियों पर कार्रवाई तय
पूरे मामले पर सकलडीहा एसडीएम कुंदन राज कपूर ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि खनन विभाग को भी पत्र भेजा जा रहा है और यदि जांच में अवैध खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने यह भी कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।