
Chandauli News: चंदौली के मुगलसराय नगर स्थित प्राचीन मां काली मंदिर को सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत दूसरे स्थान पर स्थापित किया जाएगा। मंदिर विस्थापन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले शनिवार को मंदिर परिसर में विशेष ‘कला हरण’ पूजन, हवन और विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान कराया गया। श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सदस्यों ने मां काली से क्षमा याचना करते हुए नए स्थान पर पुनर्स्थापन की अनुमति मांगी।
विधि-विधान से हुआ पूजन और हवन
मंदिर परिसर में आयोजित इस विशेष अनुष्ठान में विद्वान आचार्यों और पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देवी-देवताओं का पूजन कराया। मंदिर में स्थापित सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों का निर्धारित जप, हवन और पूजा-पाठ संपन्न हुआ। धार्मिक मान्यता के अनुसार ‘कला हरण पूजन पद्धति’ के जरिए मंदिर में प्रतिष्ठित देवी-देवताओं को सम्मानपूर्वक दूसरे स्थान पर स्थापित किया जाता है।

पूरे अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही और भक्त भावुक माहौल में मां काली का जयघोष करते दिखाई दिए।
सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत हटेगा मंदिर
जानकारी के मुताबिक मुगलसराय में चल रही सड़क चौड़ीकरण परियोजना के कारण इस प्राचीन मंदिर को वर्तमान स्थान से हटाया जा रहा है। इसके लिए नगर के शनिदेव मंदिर के पास नए मंदिर का निर्माण पहले ही पूरा कर लिया गया है, जहां मां काली और अन्य देवी-देवताओं की पुनः स्थापना की जाएगी।
प्रशासन और निर्माण एजेंसी की ओर से बताया गया कि धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया विधि-विधान के साथ कराई जा रही है।
रविवार से शुरू होगी मंदिर हटाने की प्रक्रिया
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि रविवार सुबह सबसे पहले मंदिर के शिखर को समिति के लोग स्वयं हटाएंगे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से मंदिर संरचना को हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
पूजन के दौरान सभी भक्तों ने मां काली से प्रार्थना की कि नए स्थान पर भी मंदिर की महिमा और आस्था पूर्ववत बनी रहे। श्रद्धालुओं ने पूजा के माध्यम से मंदिर विस्थापन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूर्ण होने की कामना की।
पूजा में ये लोग रहे मौजूद
इस धार्मिक अनुष्ठान में मां काली मंदिर कमेटी के अध्यक्ष आशुतोष जायसवाल, पूजा मंत्री हरिप्रसाद गुप्ता, बिल्लू राजकुमार पहवा, अशोक सिद्धार्थ केसरवानी, नथुनी माली बाबा, जय विजय पंडित, अखिलेश पंडित, अजय चौहान, शानू बाबा, बाबला मुखर्जी और विनीता अग्रहरि सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
इसके अलावा निर्माण विभाग कंपनी के एरिया मैनेजर प्रवीण कुमार और बृजेश कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए और मंदिर विस्थापन प्रक्रिया को लेकर समिति के साथ चर्चा की।