
India Netherlands Strategic Partnership: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे के दौरान भारत और नीदरलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने का फैसला किया। शनिवार को द हेग में प्रधानमंत्री मोदी और उनके डच समकक्ष रॉब जेटेन के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता में रक्षा, निवेश, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, एआई और उभरती तकनीकों समेत 17 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उसके वैश्विक प्रभावों पर भी गंभीर चिंता जताई।
रक्षा, निवेश और टेक्नोलॉजी सहयोग को मिलेगा नया विस्तार
भारत और नीदरलैंड ने व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत बनाने के साथ-साथ रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर, स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने के लिए ‘रणनीतिक साझेदारी रूपरेखा’ की शुरुआत की।

इसके अलावा दोनों देशों ने हरित ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से ‘ग्रीन हाइड्रोजन डेवलपमेंट फ्रेमवर्क’ भी लॉन्च किया। वार्ता के दौरान रक्षा उपकरणों, रक्षा प्रणालियों और अन्य तकनीकी क्षमताओं के संयुक्त निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त उद्यमों की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
वैश्विक तनाव के बीच रणनीतिक सहयोग पर जोर
बैठक में पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति और दुनिया पर उसके प्रभावों को लेकर विशेष चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट के जरिए वैश्विक व्यापारिक जहाजों के निर्बाध आवागमन का समर्थन किया और किसी भी प्रकार के प्रतिबंधात्मक कदमों का विरोध किया।
पीएम मोदी और रॉब जेटेन ने यूक्रेन संकट पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति, स्थिरता और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत के लिए यूरोप का अहम व्यापारिक साझेदार है नीदरलैंड
नीदरलैंड यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल है। वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 27.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। वहीं 55.6 अरब अमेरिकी डॉलर के कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के साथ नीदरलैंड भारत का चौथा सबसे बड़ा निवेशक देश बन चुका है।
रॉटरडैम बंदरगाह के जरिए नीदरलैंड भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोप का रणनीतिक प्रवेश द्वार भी माना जाता है। इसी वजह से दोनों देशों के आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।
विज्ञान, कृषि और जल प्रबंधन में भी सहयोग बढ़ेगा
दोनों देशों ने विज्ञान एवं नवाचार, सतत विकास, स्वास्थ्य, कृषि, जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा परिवर्तन और समुद्री विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और व्यापक बनाने पर सहमति जताई।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन समझौतों से सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, जल और सांस्कृतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में भारत और नीदरलैंड के रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी।
पांच देशों के दौरे पर हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय पांच देशों के दौरे पर हैं। नीदरलैंड यात्रा उसी कड़ी का हिस्सा है। इस दौरे के जरिए भारत यूरोप के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।