
Gold-Silver Price Crash: लंबे समय से आर्थिक अनिश्चितता और वैश्विक तनाव के दौर में सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी अब दबाव में नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों से दोनों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। बाजार में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या यह केवल अस्थायी गिरावट है या फिर बड़ी कमजोरी की शुरुआत।
बुधवार को घरेलू वायदा बाजार MCX में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 11:30 बजे MCX Gold 849 रुपये टूटकर 1,54,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा, जबकि MCX Silver 1,267 रुपये गिरकर 2,65,440 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।

क्यों दबाव में हैं सोना और चांदी?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में घोषित युद्धविराम के बाद शांति की उम्मीद जगी थी, लेकिन ताजा सैन्य गतिविधियों ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया है।
वैश्विक तनाव बढ़ने पर सामान्यतः निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार मजबूत अमेरिकी डॉलर और करेंसी बाजार में अस्थिरता ने सोने-चांदी की चमक फीकी कर दी है। उभरते बाजारों, खासकर भारत पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
दो हफ्तों में सोने में बड़ी कमजोरी
Choice Broking की कमोडिटी एनालिस्ट कावेरी मोरे के अनुसार, पिछले दो सप्ताह में सोने में काफी कमजोरी देखने को मिली है।
उन्होंने बताया कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और रुपये की कमजोरी के चलते MCX Gold में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। अगस्त गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट फिलहाल 1,59,300 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है।
कावेरी मोरे के मुताबिक, तकनीकी रूप से सोने का ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 20-सप्ताह EMA के आसपास 1,57,380 रुपये का महत्वपूर्ण सपोर्ट मौजूद है, जबकि 1,63,650 से 1,69,000 रुपये के बीच मजबूत रेजिस्टेंस दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक बाजार में नई खरीदारी नहीं आती, तब तक सोने पर दबाव बना रह सकता है।
चांदी ने दिखाई ज्यादा मजबूती
हालांकि चांदी में भी गिरावट आई है, लेकिन उसने सोने के मुकाबले बेहतर मजबूती दिखाई है। विशेषज्ञों के अनुसार, MCX Silver फिलहाल 2,61,000 से 2,77,400 रुपये के दायरे में कारोबार कर रही है।
कावेरी मोरे ने बताया कि Gold-Silver Ratio यानी Mint Ratio अभी 59-60 के आसपास बना हुआ है, जो संकेत देता है कि चांदी सोने की तुलना में अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल चांदी सीमित दायरे में कारोबार कर सकती है। इसके लिए 2,61,000 से 2,49,300 रुपये के बीच सपोर्ट और 2,77,400 से 2,99,000 रुपये के बीच रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को केवल अल्पकालिक गिरावट देखकर घबराना नहीं चाहिए। सोना और चांदी अभी भी लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, खासकर तब जब वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई हो।
विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से निवेश करें। साथ ही उन्हें अमेरिका-ईरान तनाव, अमेरिकी डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
क्या फिर लौटेगी सोना-चांदी की चमक?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश की मांग दोबारा बढ़ सकती है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों को सहारा मिलेगा। वहीं यदि वैश्विक हालात सामान्य होते हैं और डॉलर मजबूत बना रहता है तो कीमती धातुओं पर दबाव जारी रह सकता है।
फिलहाल बाजार में निवेशक अगली बड़ी वैश्विक घटनाओं का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले कुछ हफ्तों में सोना और चांदी दोनों में भारी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।