
PM Modi Breaks Nehru Record: भारतीय राजनीति में एक और ऐतिहासिक क्षण दर्ज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का बड़ा रिकॉर्ड पीछे छोड़ देंगे। इसके साथ ही नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस युग के कई बड़े राजनीतिक रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। जुलाई 2025 में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 4,077 दिनों तक प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। इसके बाद मोदी लगातार कार्यकाल के मामले में नेहरू के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गए थे।
अब 10 जून को वह जवाहरलाल नेहरू के लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को भी पार कर लेंगे। यह उपलब्धि भारतीय राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कांग्रेस युग के रिकॉर्ड लगातार तोड़ रहे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर केंद्र में सरकार बनाई। इसी के साथ वह स्वतंत्र भारत के इतिहास में लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर सत्ता में लौटने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बन चुके हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोदी का यह रिकॉर्ड केवल चुनावी जीत का नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति में लंबे समय तक जनसमर्थन बनाए रखने का भी संकेत है।
फिर भी कायम रहेगा नेहरू का सबसे बड़ा रिकॉर्ड
हालांकि कुल प्रधानमंत्री कार्यकाल के मामले में जवाहरलाल नेहरू अब भी देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बने हुए हैं।
नेहरू 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे और 27 मई 1964 तक इस पद पर रहे। इस तरह उनका कुल कार्यकाल लगभग 6,131 दिनों का रहा, जो आज भी भारत के किसी भी प्रधानमंत्री से अधिक है।
1947 में कैसे बने थे नेहरू प्रधानमंत्री?
भारत की स्वतंत्रता के समय देश में न तो संविधान लागू हुआ था और न ही आम चुनाव हुए थे।
1946 में ब्रिटिश सरकार ने भारत में संविधान सभा के गठन की प्रक्रिया शुरू की थी। संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष जनता द्वारा नहीं, बल्कि प्रांतीय विधानसभाओं के जरिए हुआ था।
उस समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस संविधान सभा में सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति थी। कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू को अपना नेता चुना।
2 सितंबर 1946 को नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ। उस समय वे Executive Council के Vice President बने, जिसे व्यवहारिक रूप से प्रधानमंत्री के समान माना जाता था।
इसके बाद 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता के दिन तत्कालीन गवर्नर-जनरल लॉर्ड माउंटबेटन ने जवाहरलाल नेहरू को स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई।
क्या नेहरू 1947 में चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बने थे?
इस सवाल का जवाब ‘नहीं’ है।
1947 में नेहरू किसी लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नहीं बने थे क्योंकि उस समय:
- लोकसभा अस्तित्व में नहीं थी
- भारत का संविधान लागू नहीं हुआ था
- देश में पहला आम चुनाव नहीं हुआ था
भारत के पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री कब बने नेहरू?
भारत का पहला आम चुनाव 1951-52 में हुआ था। इस चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिला और 13 मई 1952 को जवाहरलाल नेहरू ने दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
इसी कारण नेहरू को भारत का पहला निर्वाचित प्रधानमंत्री माना जाता है।
मोदी के नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने लगातार तीन बार लोकसभा चुनाव जीतकर केंद्र में सरकार बनाई है।
2014 में पहली बार सत्ता में आने के बाद मोदी ने 2019 और 2024 में भी भाजपा को लगातार जीत दिलाई। यही वजह है कि अब उनका नाम भारतीय राजनीति के सबसे लंबे और प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों की सूची में और मजबूत होता जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 10 जून 2026 भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक तारीख साबित हो सकती है, जब प्रधानमंत्री मोदी एक और बड़े रिकॉर्ड के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएंगे।